1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. 'नगरसेवक बना दिया, पर मेयर नहीं बनाया तो रोने लगी', गडकरी ने सुनाया सियासत का दिलचस्प किस्सा

'नगरसेवक बना दिया, पर मेयर नहीं बनाया तो रोने लगी', गडकरी ने सुनाया सियासत का दिलचस्प किस्सा

 Reported By: Yogendra Tiwari Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Dec 25, 2025 07:12 pm IST,  Updated : Dec 25, 2025 07:12 pm IST

नितिन गडकरी ने कहा है कि महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनावों में टिकट केवल सर्वे के आधार पर मिलेंगे। उन्होंने एक कार्यक्रम में परिवारवाद पर कटाक्ष करते हुए एक दिलचस्प किस्सा सुनाया, जिसमें नगरसेवक बनने के बाद मेयर न बनने पर महिला के रोने की घटना का जिक्र किया।

Nitin Gadkari, Maharashtra municipal elections, BJP tickets- India TV Hindi
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी। Image Source : X.COM/NITIN_GADKARI

नागपुर: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में होने वाले महानगरपालिका चुनावों को लेकर साफ-साफ कह दिया है कि उम्मीदवारों को टिकट सिर्फ सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सर्वे के बाहर न तो वह खुद कुछ कर सकते हैं और न ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। गडकरी ने यह बातें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने परिवारवाद पर भी कड़ी टिप्पणी की और कहा कि यह पार्टी कार्यकर्ताओं की है, पति-पत्नी या पिता-पुत्र की नहीं। बता दें कि महाराष्ट्र में महानगरपालिका के चुनाव 15 जनवरी को होने वाले हैं।

'एक सर्वे मेरे पास है, और बाकी 3 फडणवीस के पास'

गडकरी ने बताया कि इच्छुक उम्मीदवारों पर 4 सर्वे कराए गए हैं। एक सर्वे उनके पास है, जबकि 3 सर्वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद इन 4 सर्वे को घर ले गए हैं और इनकी स्टडी कर रहे हैं। गडकरी ने कहा, 'सर्वे के आधार पर ही महानगरपालिका के टिकट तय किए जाएंगे। सर्वे के बाहर चाहे नितिन गडकरी हो या देवेंद्र फडणवीस, या कोई और, किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है।' गडकरी ने परिवारवाद पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि किसी ने उन्हें बताया कि एक प्रभाग से एक ही परिवार के पति, पत्नी, लड़के और बहन ने सभी ने टिकट मांगा। तो उन्होंने मजाक में कहा, 'दो बाकी रह गए, ड्राइवर और चमचा, वही बाकी रह गया है।'

'नगरसेवक बना दिया, पर मेयर नहीं बनाया तो रोने लगी'

गडकरी ने आगे स्पष्ट किया, 'उसमें कोई लायक भी हो सकता है, उसको मिलेगा टिकट, मिल सकता है। परिवार में जन्म हुआ, यह गुनाह नहीं है। मैं अपनी बात को सुधारता हूं, किसी का बेटा-बेटी होना गुनाह नहीं है। लेकिन मां-बाप के लिए, पति को पत्नी के लिए टिकट मांगने नहीं आना चाहिए। लोगों को कहना चाहिए कि इसकी पत्नी को टिकट दो, इसके लड़के को टिकट दो।' उन्होंने एक वाकये का जिक्र करते हुए कहा कि एक महिला उनके पास आई थी और बोली, 'मुझे एक बार नगरसेवक बनाओ। नाम नहीं बताऊंगा मैं। उसको नगरसेवक बना दिया। फिर मेयर नहीं बनाया तो रोने लगी।'

'मां ने पूछा क्या इसके पति का निधन हो गया, इतना रो रही है'

गडकरी ने आगे कहा, 'मेरी मां उस समय थी, उसने पूछा क्या इसके पति का निधन हो गया, इतना रो रही है। तो मैंने कहा ऐसा नहीं हुआ है, इसको टिकट नहीं मिला है। फिर मेयर बन गई, मेयर बनने के बाद अब बोली MLA बनाओ और फिर से नगरसेवक की टिकट की तैयारी है। यह ऐसी भूख है कि खत्म नहीं होती।' गडकरी ने कार्यकर्ताओं की भावनाओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि लोग पार्टी में शामिल होते वक्त कहते हैं, उन्हें कुछ नहीं चाहिए, सिर्फ पार्टी का काम करना है, लेकिन जैसे ही चुनाव आता है, कहते हैं कि उनकी भी इच्छा है। उन्होंने कहा, 'अरे भाई तू आया तो, तूने कहा था तुझे कुछ नहीं चाहिए।'

'एक-एक जगह पर पांच-पांच काबिल उम्मीदवार हैं'

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'हमारे हाथ में नहीं है टिकट, जनता के हाथ में है। एक-एक जगह पर पांच-पांच काबिल उम्मीदवार हैं। 19-20 का भी फर्क नहीं है। सबके साथ न्याय करने में काफी अड़चन है। जब सब कुछ मिलता है तो सब अच्छा बर्ताव करते हैं। जब कार्यकर्ता पर अन्याय होता है और वो अच्छा व्यवहार करता है, वही कार्यकर्ता की सबसे बड़ी परीक्षा है। टिकट नहीं मिलेगा, तो दुख-दर्द होगा, नाराजगी भी होगी, प्रतिक्रिया भी आएगी। कार्यकर्ता को समझाना भी होगा। पिछली चुनाव में जितनी सीट आई थी, उससे 10 सीट ज्यादा है, यह चैलेंज लेना है।'

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।