मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) के नेता एवं पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने सूबे की एकनाथ शिंदे सरकार पर फिर हमला बोला है। ठाकरे ने आरोप लगाया है कि मुंबईकरों के पैसे से मुंबई के 2 प्रमुख रास्तों, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे का रखरखाव किया जा रहा है लेकिन इन रास्तों पर मौजूद टोल नाकों से होने वाली कमाई और हाईवे पर लगे सरकारी विज्ञापन होर्डिंग का राजस्व BMC की बजाय MSRDC यानी महाराष्ट्र स्टेट रोड डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन को मिल रहा है।
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‘मुंबईकरों से वसूला जा रहा है डबल टैक्स’
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुंबईकरों से डबल टैक्स वसूला जा रहा है लेकिन इस टैक्स के बदले जो टोल के पैसे BMC को मिलने चाहिए वह राज्य सरकार की तिजोरी में जा रहे हैं। उनके इस आरोप के बाद बहस छिड़ गई कि आखिर मुंबई के टोल नाकों से हुई कमाई किसको मिलनी चाहिए और सबसे अहम बात यह है कि मुंबईकरों को टोल से मुक्ति कबतक मिलेगी। इसी सवाल का जवाब जानने के लिए इंडिया टीवी की टीम ने MSRDC के मुखिया यानी कि मैनेजिंग डायरेक्टर राधेश्याम मोपलवार से बात की।
ऐसे शुरू हुए थे मुंबई में टोल प्लाजा
राधेश्याम मोपलवार ने बताया कि 90 के दशक में मुंबई में ट्रैफिक सिग्नल्स की वजह से ट्रैफिक की समस्या गंभीर हो गई थी। इस समस्या से मुंबईकरों को निजात दिलाने के लिए तत्कालीन सरकार ने माधव जोग कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने सुझाव दिया कि मुंबई शहर में 55 फ्लाइओवर्स बनाए जाएं। इसके बाद युद्ध स्तर पर फ्लाइओवर्स का निर्माण किया गया। सन 1998 से 30 वर्षों के लिए मुंबई में टोल कलेक्ट करने की शुरुआत हुई।
प्रति दिन इतने करोड़ रुपये होते हैं कलेक्ट
मोपलवार ने बताया कि साल 2010 में MEP इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड कंपनी को 16 वर्षों के लिए टोल का ठेका दिया गया। उस समय इस कंपनी ने करीब 2100 करोड़ रुपये MSRDC को दिए। मुंबई में प्रतिदिन करीब 1.5 करोड़ रुपये से 1.8 करोड़ रुपये टोल कलेक्ट किया जाता है। साल 2027 में इस कंपनी को दिए गए ठेके का टर्म पूरा हो जाएगा। MSRDC का कहना है कि मुंबई में सड़कों के रखरखाव के लिए टोल वसूला नहीं जाता है। जो फ्लाईओवर्स बनाए गए हैं उसके रखरखाव के लिए टोल वसूला जाता है।
‘सरकार को फैसला लेना होगा कि…’
MSRDC के मैनेजिंग डायरेक्टर ने बताया कि 2027 में टर्म पूरा होने के बाद MEP कंपनी सरकार को फ्लाइओवर्स हैंडओवर कर देगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकार को फैसला लेना होगा की टोल जारी रखना है या फिर नहीं। वहीं, आदित्य ठाकरे ने पहले ही ऐलान किया है की उनकी सरकार आने पर मुंबई को टोल मुक्त किया जाएगा। ऐसे में मौजूदा सरकार पर भी दबाव है कि टोल को बंद किया जाए। साल 2027 में टोल के 30 वर्षों का कार्यकाल खत्म हो रहा है ऐसे में उम्मीद की जा रही है का मुंबई के एंट्री पॉइंट्स पर स्थित टोल को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।