देशभर के लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी लंबे समय से 8वें वेतन आयोग के गठन का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक इस ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। अब केंद्र सरकार ने संसद में इस देरी की वजह साफ तौर पर बताई है। मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक, 12 अगस्त को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 8वें वेतन आयोग की अधिसूचना (नोटिफिकेशन) अभी इसलिए पेंडिंग है क्योंकि इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंसेस पर विभिन्न मंत्रालयों और राज्यों से सुझाव मांगे गए हैं, जो अब भी लगातार मिल रहे हैं।
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आयोग का गठन कब होगा?
वित्त राज्य मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि 17 जनवरी और 17 फरवरी 2025 को रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और सभी राज्यों को सुझाव भेजने के लिए पत्र भेजे गए थे। जब तक सभी इनपुट नहीं मिल जाते, तब तक अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि यह "उचित समय पर" जारी की जाएगी। मंत्री ने साफ किया कि अधिसूचना जारी होने के बाद ही आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति होगी। यानी फिलहाल आयोग का गठन नहीं हुआ है, बल्कि प्रक्रिया अभी शुरुआती फेज में है।
जनवरी 2025 में मिली थी गठन की स्वीकृति
केंद्र सरकार ने इसी साल जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। इसका मकसद कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, भत्तों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करना है। खबर के मुताबिक, सरकार का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू की जा सकती हैं। हालांकि आयोग की रिपोर्ट तैयार करने, समीक्षा और मंजूरी में 1.5 से 2 साल का समय लग सकता है। ऐसे में जाहिर है बढ़ा हुआ वेतन एरियर के साथ दिए जाने की संभावना है।
क्या होगा फिटमेंट फैक्टर?
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था। जानकारों के मुताबिक, इस बार यह 1.92 से 2.86 के बीच रह सकता है। इसे ऐसे समझें कि उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹30,000 है और नया फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय होता है, तो उसकी नई सैलरी ₹77,100 हो सकती है।