रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरुग्राम एनसीआर में सबसे बड़ा ऑफिस मार्केट बना रहा, जिसमें सालाना ट्रांजैक्शन का 61% हिस्सा था। 2025 में NCR में 9.6 मिलियन वर्ग फुट की ऑफिस कंप्लीशन दर्ज की गई, जो 71% की वार्षिक वृद्धि है और 2019 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
साल 2025 में चेन्नई में ऑफिस स्पेस की मांग में सबसे ज्यादा बढ़त देखने को मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, चेन्नई में पिछले साल ऑफिस स्पेस की मांग में 187 प्रतिशत की बंपर तेजी दर्ज की गई।
दिल्ली-एनसीआर का ऑफिस रियल एस्टेट मार्केट इस समय तेजी की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही में कॉर्पोरेट्स की बढ़ती मांग के चलते नेट लीजिंग 2.5 गुना बढ़कर 37.9 लाख वर्ग फीट पहुंच गई।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने मुख्य आयुक्तों को दिए गए अपने निर्देशों में कहा कि सीजीएसटी के सभी क्षेत्रीय कार्यालय 29 मार्च, 30 मार्च और 31 मार्च, 2025 को खुले रहेंगे।
17.5% दुकानें ग्रामीणों के लिए आरक्षित हैं, जिनकी भूमि अथॉरिटी द्वारा अधिग्रहित की गई है। आप 31 मार्च तक ऑफिस और दुकान के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में 1.99 एकड़ में फैले फर्स्ट इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (FIFC) में स्थित इन दोनों ऑफिसों का कुल स्पेस 1,49,658 वर्ग फीट है। रियल एस्टेट कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का ऑफिस स्पेस दो अलग-अलग फ्लोर पर कुल 1,10,980 वर्ग फुट है।
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), चेन्नई तथा पुणे में कार्यालय की मांग में गिरावट दर्ज की गई है। जबकि कोलकाता का बाजार स्टेबल रहा। दिल्ली-एनसीआर में मांग 135.7 लाख वर्ग फुट से तीन प्रतिशत घटकर 131.4 लाख वर्ग फुट रह गई।
वर्कस्पेस यानी ऑफिस स्पेस की डिमांड 1.61 करोड़ वर्ग फुट से 18 प्रतिशत बढ़कर 1.9 करोड़ वर्ग फुट हो गई। ये वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) स्थापित करने की इच्छा रखने वाली मल्टीनेशनल कंपनियों की हाई डिमांड से प्रेरित रही।
ब्रायन निकोल को अपने गृह शहर और सिएटल में मुख्यालय के बीच यात्रा के लिए कंपनी के विमान तक एक्सेस हासिल होगी। ब्रायन ने चिपोटल के सीईओ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान सफलतापूर्वक इसी तरह की व्यवस्था की थी।
भारत को अब दुनिया का ऑफिस कहा जाने लगा है। भारत में डिमांड एशिया और वास्तव में बाकी दुनिया में सबसे ज्यादा है। सात प्रमुख शहरों में भारतीय कार्यालय बाजार में बहुत मजबूत मांग देखी जा रही है।
देश में ऑफिस स्पेस की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत में 2023 में ऑफशोरिंग इंडस्ट्री में 27.3 मिलियन वर्ग फीट (वर्ग फीट) की कुल लीजिंग वॉल्यूम देखी गई थी।
आंकड़ों के अनुसार, 2024 की पहली तिमाही के दौरान छह प्रमुख शहरों - बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और पुणे में कुल कार्यालय पट्टे 1.36 करोड़ वर्ग फीट तक बढ़ने का अनुमान है।
Most Expensive Office Spaces in Asia: दिल्ली एनसीआर में ऑफिस स्पेस का बाजार एशिया प्रशांत में छठा सबसे महंगा है। टॉप सबसे महंगे ऑफिस बाजारों में मुंबई और बेंगलुरु ने भी अपनी जगह बनाई है।
जेएलएल ने देश के सात प्रमुख शहरों में अक्टूबर के दौरान ऑफिस स्पेस के बारे में पड़ताल की। जेएलएल की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
Work Pressure Depression: आज के समय में लोग ऑफिस में बढ़ते काम के प्रेशर के चलते कई तरह के बिमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसके बारे में हाल ही में जारी हुई रिपोर्ट में पता चला है।
राजग सरकार ने विधानसभा चुनाव के समय बिहार में 19 लाख नौकरियों का वादा किया था और आईटी क्षेत्र में रोजगार सृजन की काफी संभावनाएं हैं।
वर्ष 2021 में वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला कार्यबल (सप्लाई चेन वर्कफोर्स) में महिलाओं की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत आंकी गई है, जो पिछले साल 39 प्रतिशत थी। एक नए सर्वेक्षण में यह आंकड़ा सामने आया है।
वर्तमान में, बेंगलुरू और दिल्ली-एनसीआर में भारत के फ्लेक्स स्पेस स्टॉक का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा शामिल है, जिसमें बेंगलुरू में लगभग 1.06 करोड़ वर्ग फुट का स्पेस है। इसके बाद 45 लाख वर्ग फीट के साथ हैदराबाद और 43 लाख वर्ग फीट फ्लेक्स ऑफिस स्टॉक के साथ मुंबई का नंबर आता है।
देश में कॉमर्शियल ऑफिस एरिया लीजिंग के लिए 2019 सबसे अच्छा साल रहा, जब करीब 4.5 करोड़ वर्ग फीट की लीजिंग हुई थी, लेकिन इस साल जनवरी से लेकर अक्टूबर तक महज 1.4 करोड़ वर्ग फुट की लीजिंग हुई है। कोरोना की वजह से कंपनियां कम किराए की जगहों पर शिफ्ट हो रही हैं।
देश की राजधानी दिल्ली का दिल कहा जाने वाला कनॉट प्लेस कोई कार्यालय खोलने के लिए दुनिया की नौंवी सबसे महंगी जगह है।
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