यह बजट भारत की आर्थिक दिशा तय करेगा, खासकर जब वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू मांग और निवेश को मजबूत करने की जरूरत है।
2016 में नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबरॉय की अध्यक्षता वाली समिति ने इसे खत्म करने की पहली की थी। कभी यह सेगमेंट भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाता था।
सिर्फ जनवरी महीने में डिफेंस कंपनियों के शेयरों ने 23% तक की तेजी दर्ज की है। माना जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में संभावित डिफेंस बजट बढ़ोतरी सेक्टर के लिए दीर्घकालिक रूप से सकारात्मक रहेगी।
बजट 2026 रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित बनाने पर फोकस रह सकता है। यह देखने वाली बात होगी कि कोविड के बाद 2020 से निलंबित सीनियर सिटीजन कंसेशन बहाल किया जाएगा या नहीं।
यह समस्या अब सिर्फ व्यक्तिगत स्तर की नहीं रही। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता से जुड़ी हुई है। समय आ गया है कि सरकार और इंडस्ट्री मिलकर इसे प्राथमिकता दें। बजट में सरकार इसके लिए कुछ खास प्रावधान की घोषणा करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2026-27 का बजट स्वास्थ्य क्षेत्र की मौजूद चुनौतियों और भविष्य के अवसरों को ध्यान में रखते हुए भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत स्वास्थ्य हब बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक मांग यह भी है कि एक कुशलता से काम करने वाला इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर सिस्टम बनाने के लिए, जिला अस्पतालों को मजबूत किया जाना चाहिए।
जानकारों के मुताबिक, बजट 2026 सिर्फ वित्तीय आंकड़ों पर नहीं, बल्कि दीर्घकालिक नीति, टिकाऊ कृषि, जलवायु अनुकूलन और प्रभावी बाजार सुविधाओं पर भी केंद्रित होने की उम्मीद जगाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि आगामी बजट यह संकेत देगा कि भारत का धीरे-धीरे बढ़ता रक्षा व्यय आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कितना योगदान दे सकता है।
वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारतीय मुद्रा पर दबाव है। आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबवे अपनी वास्तविक क्षमता से कम परफॉर्म कर रहा है।
इकोनॉमिक सर्वे 2025-2026 रिपोर्ट में कहा गया है कि बेस मेटल्स की कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितताओं से जुड़े जोखिम अभी भी मौदूद हैं। निवेशकों को लगातार निगरानी और जरूरत के मुताबिक, नीतिगत प्रतिक्रिया की जरूरत होगी।
6 से 8 यात्रियों के बैठने की क्षमता वाला यह प्लेन लगभग 860 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम स्पीड से उड़ान भर सकता है। प्लेन में वाई-फाई और सैटेलाइट फोन की सुविधाएं उपलब्ध होती हैं।
भारत और EU के बीच मौजूदा समय में सालाना 180 अरब यूरो से अधिक का व्यापार होता है। इस डील से यूरोप के साथ-साथ भारतीय ग्राहकों को भी बड़ा फायदा मिलने वाला है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच बड़ा आर्थिक समझौता हो गया है। पीएम मोदी ने इस ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन करने की घोषणा की है। उन्होंने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता कई अवसर पैदा करके भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देगा।
सेक्टोरल लेवल की बात तो मेटल सेक्टर के अलावा अन्य सभी सेक्टर लाल निशान में व्यापार कर रहे हैं। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरिएन्स और रियल्टी सेक्टर में 1% की गिरावट आई है।
लॉकर के मामले में जब बैंक की कमियों, किसी गलती या लापरवाही की वजह से नुकसान होता है, तो बैंक जिम्मेदार होता है। साथ ही, बैंक अपने किसी भी कर्मचारी की धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।
यूरोपिय यूनियन और भारत के बीच होने जा रहा यह समझौता चार सालों में भारत का नौवां फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA होगा, जो ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और दूसरे देशों के साथ हुए कई समझौतों के बाद होने जा रहा है।
पर्सनल लोन विशेष मौकों या किसी इमरजेंसी में काम आने वाला एक लोन साधन है। हालांकि इस पर ब्याज दर बाकी कैटेगरी के लोन के मुकाबले ज्यादा होती है। जानकारों का मानना है कि पर्सनल लोन को बिल्कुल आखिरी विकल्प के तौर पर चुनना चाहिए।
कॉलिंग या फोटोग्राफी से आगे का स्मार्टफोन बाजार में दस्तक देने वाला है। चाहे प्रोफेशनल फिल्ममेकर हों या आम यूजर, हर कोई इस स्मार्टफोन से फिल्म शूट कर सकता है। मोटोरोला स्टोर्स और प्रमुख मोबाइल रिटेल आउटलेट्स पर यह उपलब्ध होगा।
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