जोधपुर: राजस्थान में स्थित IIT जोधपुर में बुधवार को एक विभागीय बैठक के दौरान बड़ा बवाल हो गया। आरोप है कि मीटिंग के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर दीपक कुमार अरोड़ा ने संस्थान के डायरेक्टर अविनाश कुमार अग्रवाल पर हमला कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने अरोड़ा को गिरफ्तार भी कर लिया लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। घटना का संज्ञान लेते हुए आईआईटी प्रशासन ने शाम को अरोड़ा को सस्पेंड कर दिया।
बैठक में कैसे शुरू हुई मारपीट?
बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह हुई बैठक में डायरेक्टर अविनाश कुमार अग्रवाल और केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर दीपक कुमार अरोड़ा के बीच किसी बात पर बहस शुरू हो गई। यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला यहीं नहीं रुका, अरोड़ा ने गुस्से में आकर डायरेक्टर पर हमला कर दिया। इस झगड़े में दोनों को चोटें आईं। सूत्रों के मुताबिक, डायरेक्टर ने अरोड़ा के विभाग की पिछले 5 साल की नाकामी पर सवाल उठाया था, जिसके जवाब में अरोड़ा ने डायरेक्टर के कार्यकाल में संस्थान की उपलब्धियों पर ही उंगली उठा दी।
दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ कराई FIR
करवार पुलिस स्टेशन के SHO लेखराज सियाग ने बताया कि इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ FIR दर्ज की है। डायरेक्टर की ओर से रजिस्ट्रार अंकुर गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें अरोड़ा पर हमला करने, सरकारी काम में बाधा डालने और जातिगत टिप्पणी करके अपमान करने का इल्जाम लगाया गया। शिकायत में कहा गया कि अरोड़ा ने डायरेक्टर पर हमला किया, जिससे उनके पैर में चोट आई। वहीं, अरोड़ा ने भी डायरेक्टर और उनके सहयोगियों के खिलाफ FIR दर्ज की। इसमें उन्होंने गलत तरीके से हिरासत में रखने, आधिकारिक काम में रुकावट डालने और मारपीट का इल्जाम लगाया।
कर्मचारी पर भी हमले का आरोप
सूत्रों के अनुसार, जब डायरेक्टर के ऑफिस के कर्मचारियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो अरोड़ा ने एक कर्मचारी पर भी हमला कर दिया, जिससे उसके हाथ में चोट आई। इतना ही नहीं, अरोड़ा ने कथित तौर पर कर्मचारी के खिलाफ जातिगत टिप्पणी की और उसे व उसके परिवार को खत्म करने की धमकी भी दी। SHO लेखराज सियाग ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल, आईआईटी प्रशासन ने अरोड़ा को सस्पेंड कर दिया है, और आगे की कार्रवाई की जा रही है।यह घटना आईआईटी जोधपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के लिए चौंकाने वाली है। लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आई।