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Bhai Dooj Shubh Muhurat 2025: भाई दूज का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? जानिए टीका करने की सही विधि क्या है

Bhai Dooj Tilak Lagane Ka Muhurat 2025 (भाई दूज का शुभ मुहूर्त 2025): भाई दूज का त्योहार कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है और इस बार ये तिथि 22 अक्टूबर 2025 की रात 08:16 से 23 अक्टूबर की रात 10:46 तक रहेगी। उदया तिथि के हिसाब से ये त्योहार 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

Written By: Laveena Sharma @laveena1693
Published : Oct 22, 2025 11:26 am IST, Updated : Oct 22, 2025 12:07 pm IST
bhai dooj- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK भाई को टीका करने का मुहूर्त

Bhai Dooj Tilak Lagane Ka Muhurat 2025 (भाई दूज का शुभ मुहूर्त 2025): भाई दूज का त्योहार बहन-भाइयों द्वारा मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को टीका करती हैं और ईश्वर से उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं। भाई दूज को भैय्या दूज, भात्र द्वितीया, भाई द्वितीया और भतरु द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बहनें प्रात:काल स्नान कर व्रत का संकल्प लेती हैं और शुभ मुहूर्त में भाई के माथे पर घी का टीका लगाती हैं (Bhai Dooj Tika Muhurat 2025)। इसके बाद भाई अपनी बहन को कुछ न कुछ उपहार देते हैं। अगर बहन शादीशुदा हैं तो भाइयों को ये त्योहार बहन के ससुराल में जाकर मनाना चाहिए। वहीं बहनों को इस दिन भाइयों को अपने हाथ से बना भोजन खिलाना चाहिए। चलिए जानते हैं इस साल भाई दूज का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

भाई दूज शुभ मुहूर्त 2025 (Bhai Dooj 2025 Tika Shubh Muhurat)

भाई दूज पर टीका करने का शुभ मुहूर्त 23 अक्टूबर की दोपहर 01:19 से दोपहर 03:35 तक रहेगा। द्वितीया तिथि 22 अक्टूबर 2025 की रात 08:16 से शुरू होकर 23 अक्टूबर 2025 की रात 10:46 बजे तक रहेगी।

भाई को टीका करने की विधि (Bhai Dooj Kaise Manate Hai)

  • भाई दूज के दिन बहनें प्रातःकाल स्नान कर व्रत का संकल्प लेती हैं।
  • फिर एक थाली तैयार करती हैं और इस थाली में गोला, कलावा, रोली, अक्षत, दीया और मिठाई रखती हैं।  
  • थाली की सबसे पहले पूजा की जाती है।
  • फिर शुभ मुहूर्त में इस थाली में रखी गई रोली को भाई के माथे पर लगाती हैं और हाथ में कलावा बांधती हैं। इसके बाद दीपक से आरती उतारती हैं।
  • फिर भाई का मुंह मीठा करती हैं।
  • भाई अपनी सामर्थ्यानुसार बहन को उपहार देते हैं।
  • इस दिन बहन-भाई एक साथ भोजन करते हैं।

भाई दूज क्यों मनाते हैं (Bhai Dooj Kyu Manate Hai)

पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे और यमुना ने उनका स्वागत तिलक लगाकर किया था। साथ ही यमुना ने अपने हाथ का बना भोजन कराया था। इससे प्रसन्न होकर यमराज ने वचन दिया कि जो भी बहन इस दिन अपने भाई को तिलक करेगी उसके भाई को दीर्घायु की प्राप्ति होगी। कहते हैं तभी से यह पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है।

 

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