Australian Cricket Team: क्रिकेट की दुनिया में इस समय T20 वर्ल्ड कप की धूम मची हुई, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा ऑस्ट्रेलिया के ग्रुप स्टेज से बाहर होने की हो रही है। सुनने में अजीब लगता है, लेकिन मौजूदा T20 वर्ल्ड कप में यह हकीकत बन चुकी है। ODI वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड 6 खिताब जीतने वाली ऑस्ट्रेलियन टीम T20 फॉर्मेट में कभी वैसा दबदबा नहीं बना सकी। T20 वर्ल्ड कप के 10 एडिशन में सिर्फ एक बार साल 2021 में ऑस्ट्रेलिया चैंपियन बनी। और हैरानी की बात ये है कि पिछले पांच सालों में उनका ग्राफ लगातार गिरता ही गया है। साल 2021 में T20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया 2022 में अपने घर में ट्रॉफी बचाने में नाकाम रही। 2024 में टीम सुपर 8 से आगे नहीं बढ़ पाई। और अब 2026 में तो हालात और खराब हो गए। जिम्बाब्वे से चौंकाने वाली हार के बाद टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई।
इस बार ऑस्ट्रेलिया की टीम सिलेक्शन पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। चोटिल होने के बावजूद पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और टिम डेविड जैसे खिलाड़ियों को स्क्वॉड में रखा गया। टूर्नामेंट से ठीक पहले कमिंस और हेजलवुड बाहर हो गए। कमिंस की जगह बेन ड्वारशुइस को शामिल किया गया, लेकिन हेजलवुड का रिप्लेसमेंट घोषित नहीं किया गया।
जिम्बाब्वे से हार के बाद आखिरी समय में स्टीव स्मिथ को जोड़ा गया, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ पल्लेकेले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली, जबकि हालात उनके अनुकूल थे। श्रीलंका के खिलाफ अहम मैच में 104/0 से 181/10 तक सिमटने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने आखिरी 6 विकेट सिर्फ 21 रन में गंवा दिए। पूर्व ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर इयान हीली ने भी टीम सिलेक्शन पर सवाल उठाए। उनका मानना था कि टीम में फिनिशर्स तो बहुत हैं, लेकिन पारी संभालने वाला बल्लेबाज नहीं। फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को इधर-उधर खिलाने से संतुलन बिगड़ गया।
T20 फॉर्मेट को लेकर ऑस्ट्रेलिया की प्राथमिकता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। 1 जनवरी 2022 के बाद से ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 72 T20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जो सभी फुल मेंबर देशों में सबसे कम हैं। ऑस्ट्रेलिया ने आयरलैंड से भी कम मैच खेले हैं। वहीं, पिछले 5 सालों में टीम इंडिया ने 118 जबकि पाकिस्तान ने 106 T20I मैच खेले हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऑस्ट्रेलियन टीम क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट को कितनी गंभीरता से ले रही है।
अक्सर ऐसा देखा गया कि द्विपक्षीय सीरीज में ऑस्ट्रेलिया अपने प्रमुख खिलाड़ियों को आराम देती रही। यहां तक कि 2026 वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी सीरीज में भी वर्ल्ड कप स्क्वॉड के खिलाड़ी साथ नहीं खेले। इसका असर टीम कॉम्बिनेशनल और तालमेल में साफ दिखा।
कई बार एक बड़ा झटका टीम को नई दिशा देता है। 2022 T20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड से 10 विकेट की हार के बाद भारत ने अपने खेल में बड़ा बदलाव किया और आक्रामक रवैया अपनाया। ऑस्ट्रेलिया के लिए भी यह वैसा ही मोड़ साबित हो सकता है। टेस्ट और ODI में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा अब भी कायम है। लेकिन अगर उन्हें वर्ल्ड क्रिकेट में पूरी तरह से राज करना है, तो T20 फॉर्मेट को भी गंभीरता से लेना होगा। वरना 'माइटी ऑसीज' यानी ताकतवर ऑस्ट्रेलियन टीम का तमगा सिर्फ इतिहास की किताबों में रह जाएगा।
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