दिल्ली ड्रिस्ट्रिक क्रिकेट एसोसिएशन में एक अक्टूबर को हुई सीनियर चयन समिति की बैठक में काफी हंगामा देखने को मिला। इस मीटिंग में डीडीसीए के सचिव अशोक शर्मा, संयुक्त सचिव अमित ग्रोवर के हिस्सा लेने की जिद्द के चलते हुए हंगामे के बाद इसे रद्द करने का फैसला लिया गया। डीडीसीए के संविधान के अनुच्छेद 24 की उपधारा 1 और 2 के अनुसार चयन समिति की किसी भी बैठक में सचिव को हिस्सा लेने की अनुमति नहीं है।
डीडीसीए सचिव अशोक शर्मा के मीटिंग में हिस्सा लेने की जिद्द का विरोध निदेशक मंजीत सिंह ने भी किया जिसमें उन्होंने लोकपाल के निर्देशों का इसे सीधे उल्लंघन बताया। वहीं सचिव अशोक शर्मा जब चयन समिति की बैठक में हिस्सा लेने पर अड़े रहे तो इसे बाद में स्थगित करने का निर्णय लिया गया और साथ ही लोकपाल को एक औपचारिक शिकायत भी भेज दी गई। अब जब तक लोकपाल में इस मामले को लेकर आदेश नहीं आ जाता है तब तक ये मीटिंग स्थगित रहेगी। डीडीसीए के संविधान के अनुसार क्रिकेट से संबंधित मामलों जैसे चयन, कोचिंग और टीम के प्रदर्शन के मूल्यांकन का प्रबंधन विशेष रूप से क्रिकेट समिति द्वारा किया जाएगा, जिसमें केवल खिलाड़ी शामिल होंगे जैसा कि अनुच्छेद 29 में इसका जिक्र किया गया है।
इस मामले में ओम्बड्समैन के आदेश का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है, जिसमें एपेक्स काउंसिल का कोई भी सदस्य चयन समिति में हिस्सा नहीं ले सकता है। इसमें एक पुराने मामले का भी जिक्र किया गया जब साल 2023 में माननीय न्यायमूर्ति एम.एम. कुमार (सेवानिवृत्त) के समक्ष रूपेश राज बनाम सिद्धार्थ साहिब सिंह के बीच हुए विवाद में आदेश आया था। इसमें उस समय डीडीसीए के सचिव श्री सिद्धार्थ साहिब सिंह को अगले आदेश तक किसी भी चयन समिति की चयन प्रक्रिया और बैठकों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। इसके अलावा, उन्हें ऐसी किसी भी बैठक को बुलाने या मध्यस्थ के रूप में कार्य करने से भी प्रतिबंधित किया गया था।
डीडीसीए सचिव अशोक शर्मा ने चयन समिति की बैठक में हुए इस हंगामे को लेकर कहा कि लोकपाल सह आचार अधिकारी का आदेश केवल सिद्धार्थ साहिब सिंह तक ही सीमित था और ये मेरे पद पर लागू नहीं होता है। अशोक शर्मा ने कहा कि इस आदेश को उनपर या भविष्य के सचिवों पर लागू करने का प्रयास करना गलत है। मेरे खिलाफ डीडीसीए और बीसीसीआई के नियमों के अंतर्गत हितों का कोई टकराव नहीं है और माननीय लोकपाल सह आचार अधिकारी के पास मेरे खिलाफ कोई कार्यवाही लंबित नहीं है।
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