Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक 2024 में मनु भाकर ने कमाल का प्रदर्शन किया है। उन्होंने सभी भारतवासियों को खुशियों के पल दिए हैं। मनु ने पहले 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। फिर उन्होंने सरबजोत सिंह के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्सड इवेंट में कांस्य पदक जीत लिया और ओलंपिक में इतिहास रच दिया। भाकर आजादी के बाद एक ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। आजाद भारत में उनसे पहले ऐसा करिश्मा कोई नहीं कर पाया था।
भारत के पूर्व शूटर रंजन सोढ़ी ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा कि कोरिया बहुत ही ज्यादा मजबूत टीम है। भारतीय प्लेयर्स ने जो करके दिखाया है। इतिहास तो रच ही दिया है। दो ओलंपिक मेडल बहुत ही बड़ी बात है। मनु भाकर और सरबजोत सिंह दोनों ने अच्छी टीम की तरह शूटिंग की है। मनु के पास अनुभव है। वह पिछले ओलंपिक में भी खेल रही थी। अच्छे खेल की वजह से मेडल आया है। इंडिया के किसी एथलीट का ओलंपिक मेडल आ जाता है, तो बहुत ही बड़ी बात होती है। ऐसा नहीं है कि मेडल उसका आ गया है, जो जश्न मनाने लगे। शुरुआत है फोकस रहिए।
रंजन सोढ़ी ने कहा कि मनु भाकर शुरू से ही स्पोर्ट्स में रही है। एक दिन उसने अपने पिता जी को बोला है कि शूटिंग करनी है। जब भी उससे बात हुई है। वह बहुत ही फोकस्ड रहती है। फालतू की बात नहीं करनी है और ट्रेनिंग करनी है। फिजिकल ट्रेनिंग करनी है। उनके कोच जसपाल राणा खुद भी अनुभवी एथलीट रहे हैं। राणा जैसा कोच होना बहुत बड़ी बात होती है।
टीम स्पोर्ट्स में एक कोच चल सकता है। व्यक्तिगत इवेंट में पर्सनल कोच होना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। अगर पर्सनल कोच होता है, तो खिलाड़ी अच्छे से अपनी बात शेयर कर सकते हैं। क्रिकेट में भी आपका एक टीम कोच होता है, लेकिन जितने भी क्रिकेट प्लेयर होते हैं। उनका एक पर्सनल कोच भी है और वह उनसे बात भी करते हैं।
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