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Meta की नई प्राइवेसी पॉलिसी बनी 'सिरदर्द', एआई के जरिए Faceboook, Instagram यूजर होंगे टारगेट

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Jan 04, 2026 08:36 am IST,  Updated : Jan 04, 2026 08:36 am IST

Meta की नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर कई ग्रुप ने फेडरल ट्रेड कमीशन में शिकायत की है। यह पॉलिसी यूजर के लिए सिरदर्द बन गई है। यूजर को एआई की मदद से पर्सनलाइज्ड ऐड टारगेट किए जाएंगे।

Meta Privacy Policy- India TV Hindi
मेटा प्राइवेसी पॉलिसी Image Source : META

Meta की नई प्राइवेसी पॉलिसी फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉट्सऐप और थ्रेड्स यूजर्स के लिए 'सिरदर्द' बनने वाली है। नई प्राइवेसी पॉलिसी में एआई के जरिए यूजर्स को और भी ज्यादा पर्सनलाइज्ड ऐड टारगेट किए जाएंगे। एआई के जरिए यूजर्स के एक्टिविटी डेटा को कलेक्ट करके ऐड दिखाए जाएंगे। नई पॉलिसी कंपनी के रेवेन्यू मॉडल को बेहतर बनाने के लिए लाई गई है। हालांकि, इसका प्रभाव आम सोशल मीडिया यूजर्स पर होने वाला है।

प्राइवेसी पॉलिसी बनी 'सिरदर्द'

कंपनी ने हाल में ही अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को अपडेट किया है, जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के यूजर इंटरफेस से डेटा कलेक्ट किया जाएगा, जो यूजर के इंटरेक्शन के आधार पर ऐड टारगेट किया जाएगा। प्राइवेसी पॉलिसी में यूजर के इंटरेक्शन के आधार पर एआई टेक्नोलॉजी की मदद से डेटा कलेक्ट किया जाएगा। इसमें प्लेटफॉर्म पर किए गए इंटरेक्शन जैसे कि सवाल, मैसेज और मीडिया शेयरिंग के आधार ऐड दिखाया जाएगा। ये डेटा कंपनी यूजर के प्रोफाइल के मेटाडेटा से कलेक्ट करेगी और ऐड टारगेट करेगा।

मेटा ने पिछले दिनों ही Meta AI को अपने सोशल मीडिया और इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में इंटिग्रेट किया है। कंपनी की नई पॉलिसी में स्पष्ट किया गया है कि 'AI at Meta' की वजह से यूजर के कन्वर्सेशन और इंटरेक्शन की वजह से पर्सनलाइज्ड ऐड दिखाया जाएगा। कंपनी ने पिछले साल अक्टूबर में ही यूजर को इस बदलाव के बारे में जानकारी शेयर की थी।

मेटा की नई प्राइवेसी पॉलिसी प्लेटफॉर्म को असुरक्षित बनाती है क्योंकि इसमें एआई के जरिए यूजर द्वारा किए जाने वाले वॉइस चैट और टेक्स्ट मैसेज के मेटा डेटा को एक्सेस करके ऐड रेकोमेंडेशन दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यूजर को अब केवल वही ऐड दिखाए जाएंगे, जिनमें उनकी रूचि होगी। यूजर को वो ऐड नहीं दिखाए जाएंगे, जो वो इग्नोर कर देते हैं या फिर उनकी उनमें रूचि नहीं हो।

इस तरह किया जाएगा टारगेट

मार्क जुकरबर्ग की कंपनी ने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर आप मेटा एआई से हाइकिंग के बारे में कुछ पूछते हैं तो आपको फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर हाइकिंग से जुड़े ऐड दिखाई देंगे। आपको हाइकिंग के लिए शॉपिंग करने वाले विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर दिखेंगे, ताकि आप अगर हाइकिंग करना चाहते हैं तो ये चीजें खरीद सकें। कंपनी का कहना है कि यह पर्सनलाइज्ड विज्ञापन यूजर की इंटरेस्ट के आधार पर दिखाए जाएंगे, ताकि उन्हें प्रोडक्ट खरीदने में मदद मिल सके। कंपनी इसके अलावा यूजर को इन-प्रोडक्ट नोटिफिकेशन के साथ-साथ ई-मेल के जरिए भी विज्ञापन को लेकर जानकारी भेजेगी।

कई ग्रुप ने की शिकायत

Meta की नई प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ अब तक 36 कंज्यूमर प्रोटेक्शन, प्राइवेसी और सिविल राइट्स ग्रुप अमेरिका के फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) को शिकायत कर चुके हैं। अक्टूबर 2025 में नई प्राइवेसी पॉलिसी के नोटिफिकेशन के बाद से ही ये ग्रुप मेटा के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। इन ग्रुप्स का कहना है कि FTC को इस मामले में जांच करनी चाहिए। एआई के जरिए यूजर को टारगेट करना सही नहीं है।

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