ये सुविधा आने वाले महीनों में शुरू होने की संभावना है। इस सहयोग से देश भर में मौजूद 60,000 से ज्यादा आधार केंद्रों तक लोगों की आसान पहुंच सुनिश्चित होगी।
UIDAI और Google की नई साझेदारी से लोगों को बड़ा फायदा मिलने वाला है। अब लोग आसानी से वेरिफाइड आधार केंद्र खोज सकेंगे। इसके अलावा गूगल मैप्स के जरिए कई और काम कर पाएंगे।
गूगल मैप्स केवल 4-व्हीलर और 2-वहीलर चलाने वालों के ही काम नहीं आता बल्कि ये अब साइकिल सवारों और पैदल चलने वालों के लिए भी नेविगेशन सपोर्ट देने वाला है।
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में मैप के दिखाए रास्ते के कारण बड़ा हादसा हो गया। दो बाइक सवार युवक 40 फीट की ऊंचाई से गिर गए हैं। इस घटना के सामने आने से हर कोई हैरान है।
गूगल मैप्स के जरिए आप केवल रास्ते को नेविगेट नहीं करते हैं। गूगल मैप्स में आप इसके अलावा भी कई इंटरेस्टिंग चीज कर सकते हैं। गूगल मैप्स में आपको नेविगेशन के अलावा उस रूट में आने वाली कई छोटी जानकारियां भी मिलेगी।
मैपल्स के यूजर्स अब ऐप के भीतर ही मेट्रो, रेल और बस रूट की जानकारी हासिल कर सकेंगे। जानिए किन शहरों में ये फीचर फिलहाल रोलआउट हुआ है।
Google का कहना है कि Maps में Gemini हैंड्स-फ्री एक्सपीरीएंस को बेहतर बनाता है और विशिष्ट वाक्यांशों को याद रखने और बोलने की जरूरत को खत्म करके नेविगेट करना आसान बनाता है।
इस नए फीचर के जरिए गाड़ी चलाने वालों को मदद के लिए ड्राइवर कस्टमाइज्ड रियल टाइम नेविगेशन हेल्प मिल सकेगी।
भारत में डिजिटल नेविगेशन में गूगल मैप्स का दबदबा है, लेकिन अब भारत का अपना ऐप Mappls इसे कड़ी टक्कर दे रहा है। MapmyIndia द्वारा विकसित यह ऐप भारतीय सड़कों, ट्रैफिक और यात्रा की असली जरूरतों को समझता है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्वदेशी मैप Mappls का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें इसके फीचर्स दिखाए गए हैं। इस नेविगेशन ऐप में कई ऐसे फीचर्स हैं, जो Google Maps भी नहीं मिलेंगे।
नवी मुंबई के बेलापुर में एक महिलामैप के सहारे कार चला रही थी। इस दौरान वह कार समेत खाड़ी में जा गिरी। इसका वीडियो भी सामने आया है।
उत्तर प्रदेश के महराजगंज में एक ऐसी घटना घटी जिसने सबको हिलाकर रख दिया। फोन में Maps के भरोसे चल रहे एक परिवार की कार अधूरे बाईपास के 40 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। गनीमत रही कि इस हादसे में परिवार के चारों लोग बाल-बाल बच गए।
Googel Map आज के समय में एक बेहद जरूरी ऐप्लिकेशन बन चुका है। डेली रूटीन लाइफ में अधिकांश लोग हर दिन इसका उपयोग करते हैं। लेकिन इसमें दिखने वाली रेड, येलो, ग्रीन, पर्पल, ऑरेंज कलर्स की लाइन का मतलब 99% लोग नहीं जानते।
एक शख्स ने कहीं जाने के लिए मैप पर रास्ता सर्च किया होगा। उसे फिर जो रास्ता दिखाया उसका स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बंदे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
Google अपने करोड़ों यूजर्स की सुविधा का बखूबी ध्यान रखता है। गूगल ने अब एक बेहद कमाल का फीचर पेश किया है। गूगल की तरफ से गूगल मैप्स और गूगल अर्थ में एक ऐसा फीचर जोड़ा गया है जिससे आप यह पता लगा सकते हैं कि कोई शहर 30 साल पहले कैसा दिखता था।
ग्रेटर नोएडा में एक 30 फीट के नाले में कार के गिरने से स्टेशन मास्टर की मौत हो गई है। पुलिस ने मंगलवार की इस घटना की जानकारी देते हुए कहा कि गलत नेविगेशन के कारण यह हादसा हुआ है।
गूगल मैप के चलते ग्रेटर नोएडा में एक स्टेशन मास्टर की मौत हो गई। उनकी तेज रफ्तार कार अचानक गहरे नाले में गिर गई। काफी देर तक वह पानी में फंसे रहे, जब तक पुलिस पहुंचती और उन्हें वहां से निकालती तब तक उनकी जान जा चुकी थी।
Google Maps डेली ट्रैवल करने वाले यूजर्स के लिए एक जरूरी ऐप बन गया है। इस ऐप के जरिए आप एक जगह से दूसरे जगह बिना किसी ट्रैफिक जाम के पहुंच सकते हैं। यह ऐप आपको लोकेशन और ट्रैफिक की सटीक जानकारी कैसे देता है, आइए जानते हैं...
Google Maps के जरिए आप ट्रैफिक जाम को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। आप घर से निकलने से पहले गूगल मैप्स के इन आसान ट्रिक्स का इस्तेमाल करके लंबे ट्रैफिक जाम से बच सकते हैं और अपने गंतव्य तक समय पर पहुंच सकते हैं।
महड़ और महाड़ के बीच की दूरी 100 किलोमीटर है। कई भक्त महाड़ पहुंचकर लोगों से गणपति मंदिर का रास्ता पूछते हैं। इसके बाद उन्हें पता चलता है कि मंदिर 100 किलोमीटर दूर है।
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