एसटीआईसी ट्रैवल ग्रुप और कन्फेडरेशन ऑफ टुरिज्म प्रफेशनल्स के अध्यक्ष,सुभाष गोयल ने इंडिया टीवी को बताया कि सकार के कुल टैक्स कलेक्शन में ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी का योगदान करीब 10% है।
डीजीसीए ने गुरुवार को एक परिपत्र जारी करके कहा, ‘‘सक्षम प्राधिकार ने भारत से आने-जाने वाली अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक यात्री सेवाओं के निलंबन को 31 जनवरी, 2022 को रात 11 बजकर 59 मिनट तक बढ़ाने का फैसला किया है।’’ इसमें कहा गया है कि यह निलंबन सभी अंतरराष्ट्रीय मालवाहक विमानों के संचालन और विशेष रूप से डीजीसीए द्वारा अनुमोदित उड़ानों पर लागू नहीं होगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार पहले भी केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगाने की अपील कर चुके हैं
लंबे इंजतार के बाद भारत 15 दिसंबर से निर्धारित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से शुरू करेगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शुक्रवार शाम को यह जानकारी दी। हालांकि उन देशों के लिए उड़ानों पर प्रतिबंध जारी रहेगा जहां कोरोना वायरस का संक्रमण अभी भी फैला हुआ है।
दो देशों के बीच एयर बबल समझौते के तहत, अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों का परिचालन उनके संबंधित वाहकों द्वारा निश्चित शर्तों के साथ एक-दूसरे की सीमा में किया जा सकता है।
डीजीसीए के सर्कुलर में कहा गया है कि इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय ऑल-कार्गो उड़ानों का परिचालन प्रभावित नहीं होगा।
कोरोना के मामलों में देश भर में हो रही वृद्धि के मद्देनजर पैसेंजर एयर सर्विसेज का निलंबन 25 मार्च, 2020 में किया गया था।
हांगकांग के नियमों के तहत वहां जाने से अधिकतम 72 घंटे पहले सभी यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच कराकर कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट दिखानी अनिवार्य है।
डीजीसीए के बयान में कहा गया है कि हालांकि अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल उड़ानों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा चुनिंदा मार्गो पर केस-टू-केस आधार पर अनुमति दी जा सकती है।
वर्तमान में भारत ने कई देशों के साथ एयर बबल समझौतों में प्रवेश किया है। यह दोनों देशों के नागरिकों को किसी भी दिशा में यात्रा करने की अनुमति देता है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने गुरुवार (28 जनवरी) को निर्धारित वाणिज्यिक अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के निलंबन को 28 फरवरी 2021 तक बढ़ा दिया है।
DGCA ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर जो रोक लगाई गई है उसे 31 दिसंबर रात 11.59 बजे तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि DGCA ने जिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अनुमति दी हुई है उनके ऊपर और मालवाहक उड़ानों पर यह आदेश लागू नहीं होगा।
नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन पर रोक 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गयी है। विमानन क्षेत्र के नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
डीजीसीए द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना वायरस महामारी के प्रसार में कमी न आने और इसकी रोकथाम के लिए अभी तक कोई प्रभावी दवा या ईलाज न मिलने की स्थिति में भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर आगामी 30 सितंबर तक रोक जारी रखने का निर्णय लिया है।
नेपाल सरकार ने लगभग 6 महीने बाद एक सितंबर से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन को बहाल करने का फैसला किया है।
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कोरोना संकट की वजह से डीजीसीए ने रोक की समयसीमा बढ़ाने का फैसला किया।
भारत सरकार ने आज शुक्रवार को बताया कि भारत में आने वाली व भारत से जाने वाली शेड्यूलड अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक यात्री सेवाएं 15 जुलाई तक निलंबित रहेंगी।
कोविड-19 महामारी के कारण दूसरे देशों में फंसे हुए अधिक से अधिक नागरिकों को वापस लाने के लिए पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को आंशिक रूप से फिर से शुरू कर दिया है।
चीन ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों को अपने यहां उतने की अनुमति देगा। कोरोना वायरस को देखते हुए चीन ने लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर रोक लगाई हुई है।
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