मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अवैध मदरसे को ढहाया दिया गया है। यह सरकारी जमीन पर बना था। एसडीएम की तरफ से नोटिस मिलने पर मदरसा संचालक ने इसे खुद करवा दिया।
उधम सिंह नगर जिले में 16 और हरिद्वार में दो अवैध मदरसों को सील किया गया है। राज्य में 100 से ज्यादा मदरसों पर ताला लग चुका है।
जांच के दौरान पाया गया कि आजमगढ़ में 2019 मदरसे ऐसे हैं, जो सिर्फ कागज पर हैं। असल में इनका कोई अस्तित्व नहीं है। इनमें से कुछ मदरसों के लिए सरकार ने पैसा भी दिया था। अब इन मदरसा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।
उत्तराखंड में धर्म की आड़ में जमीन कब्जे के खेल को रोकने के लिए CM धामी ने बड़ा एक्शन लिया है। राज्य में बड़े स्तर पर अवैध मदरसों को सील किया गया है।
मदरसा बोर्ड की परीक्षा के तारीखों का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण खबर है। आपको बता दें कि 2025 में होने वाली मदरसा बोर्ड की परीक्षा की डेटशीट की घोषणा कर दी गई है। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड की परीक्षा फरवरी में शुरू होगी।
बीएमओ मेंढर ने कहा 2 शिक्षक और 14 बच्चे हैं जिनके बीमार होने की सूचना मिली थी। सभी को उपचार के लिए मेंढर के अस्पताल लाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।
पाकिस्तान में भी मदरसों को लेकर सरकार और मौलवियों में जंग छिड़ गई है। एक बैठक के बाद मौलवियों ने मदरसों को सरकारी प्रभाव में नहीं आने का ऐलान किया है। इससे विवाद गहरा गया है।
गांव के लोगों का कहना है कि आरोपियों ने नौकरी लगवाने के नाम पर कई लोगों से पैसे लिए थे और शिकायत दर्ज होने पर कुछ पैसे लौटाए भी थे। वहीं, उनके परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि कैसे करोड़ों रुपये उनके खाते में आए और निकल गए।
योगी सरकार ने राज्य के मदरसा एक्ट में बदलाव करने का बड़ा फैसला लिया है। इस बदलाव के बाद मदरसे 12वीं के बाद की शिक्षा नहीं दे पाएंगे।
कानपुर के एक बंद पड़े मदरसे से मानव कंकाल बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कंकाल पुराना प्रतीत होता है और मदरसा पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा हुआ था।
मदरसे चलाने वालों को इस मौके का इस्तेमाल आधुनिक शिक्षा की शुरुआत के लिए करना चाहिए ताकि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे आगे चलकर अच्छे कालेजों में प्रवेश पा सकें, डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, वकील और आईटी प्रोफेशनल्स बन सकें।
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के मदरसा एक्ट को लेकर बड़ा फैसला दिया है जिससे इसमें पढ़ने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिली है। इस फैसले पर मुस्लिम पक्ष ने कहा कि मदरसों ने देश को कई IAS IPS दिए हैं।
यूपी के 16 हजार मदरसे चलते रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मदरसों को बड़ी राहत दी है लेकिन मदरसों में कामिल और फाजिल की डिग्री नहीं मिल सकेगी। यूजीसी की गाइडलाइंस के मुताबिक ये डिग्रियां नहीं दे सकेंगे।
UP Madarsa Act: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी मदरसा एक्ट को संवैधानिक करार दिया है। इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने यूपी मदरसा एक्ट को असंवैधानिक ठहराया था।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए यूपी मदरसा एक्ट को संवैधानिक करार दिया है। यूपी के 16000 से अधिक मदरसों में पढ़ने वाले 17 लाख छात्रों को कोर्ट के इस फैसले से राहत मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने आज जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका पर सुनवाई करते हुए NCPCR की सिफारिशों पर रोक लगा दी है, जिसमें संस्था ने कहा था कि मदरसों के बच्चों को फॉर्मल एजुकेशन नहीं मिलता, लिहाजा बच्चों को सरकारी स्कूलों में ट्रांसफर किया जाए।
बीते दिनों ने एनसीपीसीआर ने मदरसों में होने वाली शिक्षा को लेकर सवाल खड़े किए थे। इसी बीच खबर आ रही है कि उत्तराखंड के मदरसों में संस्कृत की पढ़ाई करवाने का विचार किया जा रहा है।
NCPCR ने केंद्र व राज्य सरकारों से सिफारिश की है कि वह मदरसों का फंड रोक दें क्योंकि वे मुस्लिम बच्चों को फॉर्मल एजुकेशन नहीं दे पा रहे हैं।
यूपी से बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां 513 मदरसों ने अपनी सरकारी मान्यता प्राप्त का दर्जा राज्य सरकार को सरेंडर करने की अर्जी दी है।
खुफिया एजेंसियां मदरसे और मदरसे के प्रिंसिपल सहित सभी मौलानाओं के आर्थिक सोर्स की भी पड़ताल कर रहीं है। क्योंकि ये चीज़ सामने आई थी कि जकात के तौर पर मदरसा चलाने के लिए विदेशो से भी पैसा भेजा जाता था। इसके अलावा पुलिस और आईबी के साथ सुरक्षा एजेंसी प्रिंसिपल के कार्यकाल तक के पढ़ाये गए छात्रों का भी पता लगाने में जुटी है।
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