प्रियांशु पैन्यूली की कहानी संघर्ष और जुनून की मिसाल है। कॉलेज ड्रॉपआउट से थिएटर, चाय बनाना, ड्राइवरी और लगातार ऑडिशन तक का सफर तय कर उन्होंने ‘मिर्जापुर’ में रॉबिन बनकर पहचान बनाई। मेहनत और धैर्य ने उन्हें चमकता सितारा बनाया। इंडिया टीवी हिंदी से बातचीत में उन्होंने अपनी जर्नी साझा की है।
संपादक की पसंद