Maha Shivratri 2026: शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या है अंतर? क्यों फाल्गुन की शिवरात्रि कहलाती है सबसे बड़ी
Maha Shivratri 2026: शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या है अंतर? क्यों फाल्गुन की शिवरात्रि कहलाती है सबसे बड़ी
Written By: Laveena Sharma@laveena1693
Published : Feb 10, 2026 11:46 am IST,
Updated : Feb 10, 2026 11:55 am IST
Mahashivratri 2026: शिवरात्रि का पावन पर्व हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। लेकिन जब यही पर्व फाल्गुन मास में आता है तो इसे महाशिवरात्रि कहा जाता है। ऐसा क्यों है चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में अंतर?
Difference Between Shivratri And Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि सनातन धर्म का एक बड़ा पर्व है जो हर साल फाल्गुन महीने में मनाया जाता है। इस दिन भक्त भगवान शिव की उपासना करते हैं और व्रत रखते हैं। वैसे तो साल में 12 शिवरात्रि पड़ती हैं लेकिन सभी में सबसे ज्यादा महत्व इसी शिवरात्रि का माना गया है। यही कारण है कि ये साल की सबसे बड़ी शिवरात्रि यानी महाशिवरात्रि कहलाती है। कहते हैं महाशिवरात्रि पर जो भक्त सच्चे मन से भगवान शिव को याद करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। यहां आप जानेंगे शिवरात्रि और महाशिवरात्रि के बीच का अंतर क्या है।
महाशिवरात्रि कब है 2026 (Maha Shivratri Kab Hai 2026)
महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस साल 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की शाम 05:04 से 16 फरवरी की शाम 05:34 बजे तक रहेगी।
शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में अंतर?
शिवरात्रि हर महीने में आती है तो महाशिवरात्रि साल में एक बार, फाल्गुन महीने में आती है।
शिवरात्रि शिव की उपासना का पर्व है तो महाशिवरात्रि शिव और शक्ति दोनों की उपासना का महापर्व कहलाता है।
मासिक शिवरात्रि साधना और नियमित पूजा का दिन है जबकि महाशिवरात्रि एक बड़ा धार्मिक पर्व है।
महाशिवरात्रि व्रत का फल साल में आने वाली अन्य शिवरात्रियों के व्रत से कई गुना अधिक मिलता है।
शिवरात्रि की पूजा दिन के समय होती है तो वहीं महाशिवरात्रि पर रात्रि पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
जहां मासिक शिवरात्रि का व्रत कम लोग रखते हैं तो वहीं महाशिवरात्रि का व्रत लगभग हर सनातनी रखता है।
कहते हैं महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। वहीं कुछ धार्मिक मान्यताओं अनुसार इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए ही ये शिवरात्रि साल की सबसे शिवरात्रि कहलाती है।
महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जबकि मासिक शिवरात्रि अपेक्षाकृत सादगी से मनाई जाती है।
महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त 2026 (Maha Shivratri Puja Muhurat 2026)
निशिता काल पूजा समय - 12:09 AM से 01:01 AM, फरवरी 16
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 06:11 PM से 09:23 PM
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 09:23 PM से 12:35 AM, फरवरी 16
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 12:35 AM से 03:47 AM, फरवरी 16
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 03:47 AM से 06:59 AM, फरवरी 16
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)