हिंदी सिनेमा में कुछ कलाकारों ने अपनी अलग अदायगी और अंदाज से दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी है। नादिरा भी एक ऐसी ही अभिनेत्री थीं, जिन्होंने फिल्मी दुनिया में अपने दम पर अपनी अलग पहचान बनाई और 50 से 70 तक के दशक तक हिंदी सिनेमा पर राज किया। 'मुड़ मुड़ के न देख' गर्ल के नाम से मशहूर नादिरा अपने दौर की सबसे साहसी और बोल्ड अभिनेत्रियों में से थीं, जिन्होंने कभी अपने किरदारों से एक्सपेरिमेंट करने से अपने पैर पीछे नहीं लिए। उन्हें जब भी कोई ऐसा किरदार ऑफर होता, जो थोड़ा हटके होता, वह उसे तुरंत अपना लेती थीं। आज नादिरा की पुण्यतिथि है, इस मौके पर आपको उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताते हैं।
नादिरा का जन्म 5 सितंबर 1932 को इजराइल के एक यहूदी परिवार में हुआ था और उनका असल नाम फ्लोरेंस एजेकेल था। हिंदी सिनेमा पर राज करने वालीं नादिरा एक समय पर टॉम बॉय जैसे रहना पसंद करती थीं। वह लड़कों के साथ गिल्ली-डंडा खेलती थीं। एक साहसी लड़की, जिसे मुश्किल दौर से गुजर रहे अपने परिवार के साथ भारत आना पड़ा। जब नादिरा अपने परिवार के साथ भारत आईं, वह बेहद बुरी स्थिति से गुजर रही थीं। घर में खाने तक के लाले पड़े थे। ऐसे में उन्होंने काम की तलाश शुरू कर दी और किस्मत उन्हें फिल्मी दुनिया तक ले आई।
यूं तो नादिरा ने 10 साल की उम्र में ही फिल्मों की दुनिया में कदम रख दिए थे, लेकिन जब वह 20 साल की थीं, उन्हें बतौर लीड हीरोइन अपनी पहली फिल्म मिली। 1952 में महबूब खान अपनी फिल्म 'आन' की तैयारी में जुटे थे, जो एक शाही परिवार की कहानी थी। इस फिल्म में वह नरगिस को कास्ट करना चाहते थे, जिन्हें एक बिगड़ैल राजकुमारी का किरदार निभाना था, लेकिन नरगिस ने इसी दौरान राज कपूर की 'आवारा' साइन कर ली। नरगिस के पास डेट्स नहीं थीं, ऐसे में महबूब खान ने दूसरी हीरोइन की तलाश शुरू की और उनकी ये तलाश नादिरा पर आकर खत्म हुई।
महबूब खान ने जैसे ही नादिरा को देखा, उन्हें उनकी खूबसूरती और तेवर में अपनी फिल्म की हीरोइन मिल गई और फिर नादिरा को दिलीप कुमार जैसे सुपरस्टार के साथ लॉन्च किया। जिस दौरा में अभिनेत्रियां अपने शर्मीले अंदाज को लेकर मशहूर थीं, नादिरा ने अपने साहसी और आत्मविश्वासी अंदाज से अपनी अलग पहचान बनाई और काफी पसंद भी की गईं। ये फिल्म हिट हुई और इसी के साथ नादिरा भी रातोंरात स्टार बन गईं। उनकी किस्मत पूरी तरह से पलट गई।
'आन' की सफलता के बाद नादिरा के पास फिल्मों की लाइन लग गई। उन्होंने अपने करियर में रफ्तार, नगमा, जलन जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन असली पहचान मिली राज कपूर की 'श्री 420' से, जिसमें उन्होंने माया का किरदार निभाया था। इस फिल्म में उन पर फिल्माया गया गाना 'मुड़ मुड़ के न देख' खूब पसंद किया गया और इसी के साथ नादिरा 'मुड़ मुड़ के न देख' गर्ल नाम से मशहूर हो गईं। उन्होंने ज्यादातर फिल्मों में निगेटिव भूमिका निभाई। फिल्मों के साथ ही उन्होंने टीवी सीरियल्स में भी काम किया।
नादिरा की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह अपने समय की सबसे ज्यादा फीस पाने वाली अभिनेत्रियों में शुमार थीं। उन्होंने उस दौर में रोल्स रॉयस खरीदी थी और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए मशहूर थीं। खासतौर पर उनकी वैंप वाली भूमिकाओं ने उन्हें काफी मशहूर कर दिया।
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