Mahakumbh 2025: महाकुंभ दौरे पर पहुंचे सीएम योगी ने मंत्रियों के साथ संगम में डुबकी लगाई और उसके बाद पूजन किया। सीएम योगी का स्नान करते हुए वीडियो भी सामने आया है।
महाकुंभ में बुधवार को यूपी कैबिनेट की मीटिंग आयोजित की गई। बैठक के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई बड़े ऐलान किए हैं। आइए देखते हैं घोषणाओं लिस्ट।
महाकुंभ में अमृत स्नान का खास महत्व है, इस दिन नागा साधु पहले स्नान करते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि सभी अमृत स्नानों में एक अमृत स्नान का महत्व अधिक है...
महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान नजदीक आ रहा है। अबतक 9.24 करोड़ से अधिक लोग महाकुंभ स्नान कर चुके हैं। स्नान के साथ-साथ पूजा भी की जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि किन-किन देवी-देवताओं की पूजा होती है...
महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के दिन पड़ रहा है। ऐसे में करोड़ों की संख्या में लोगों के महाकुंभ में पहुंचने की उम्मीद है। आइए जानते हैं कि मौनी अमावस्या के दिन कब करना है स्नान और दान
12 वर्षों बाद महाकुंभ संगम नगरी में आयोजित हो रहा है। पहला अमृत स्नान हो चुका है अब दूसरे अमृत स्नान की बारी है। ऐसे में कहा जाता है कि महाकुंभ में देवी-देवता भी रूप बदल कर आते हैं।
Mahakumbh 2025: संगम तट पर लगे महाकुंभ के भूमि को काफी पवित्र माना गया है। यहां संतों का मेला लगा हुआ है। मेले में अलग एक अखाड़े में दंड़ी स्वामी प्रभु की भक्ति में लीन है। अन्य साधु संत इन्हें काफी पवित्र मानते हैं।
प्रयागराज के महाकुंभ में सैकड़ों महिलाओं ने नागा संन्यास की दीक्षा ली। इस मौके पर उनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। इन महिलाओं ने परिवार और खुद का पिंडदान किया है।
Mahakumbh 2025: प्रयागराज के संगम तट पर होने वाली इस कैबिनेट बैठक में योगी सरकार के 54 मंत्री हिस्सा लेंगे। योगी सरकार इस बैठक में कई बड़े फैसले ले सकती है।
महाकुंभ में अबतक 8 करोड़ से ज्यादा लोग डुबकी लगा चुके हैं। ऐसे में यह संख्या लगातार बढ़ रही है। अगर आप भी महाकुंभ में जाने का प्लान बना रहे हैं तो अपने लिए धन, धान्य और खुशियों की कामना करना न भूलें।
देश के प्रमुख व्यवसायी गौतम अडानी पत्नी के साथ महाकुंभ में पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने इस्कॉन मंदिर के शिविर में लोगों को भोजन वितरित किया है। वह महाकुंभ में स्नान करने के लिए भी पहुंचे हैं।
मौनी अमावस्या की तिथि पर इस पर कई शुभ योग बन रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालु जो संगम में डुबकी लगाने जा रहे हैं उन्हें अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए जरूर पूजा करनी चाहिए।
प्रयागराज में इन दिनों संतों का मेला लगा हुआ। हर साधु की अपनी एक अलग कहानी है, इनमें से कुछ की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे ही एक बाबा के बारे में जानिए जिनकी सैलरी 40 लाख और उनके पास 400 लोगों की टीम थी।
जूना अखाड़े ने अपनी पंचकोशी परिक्रमा की यात्रा शुरू कर दी है। यह यात्रा प्रयागराज के सभी मंदिरों और घाटों से होकर गुजरेगी।
महाकुंभ का आयोजन बड़े स्तर पर हो रहा है। अब तक 8 करोड़ से ज्यादा लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में आप भी महाकुंभ में जा रहे हैं, तो कुछ चीजें जान लें जो सभी के लिए जरूरी है...
इन दिनों महाकुंभ में आए हुए कई साधु-संत तेजी से वायरल हो रहे हैं, इनमें से एक हैं मस्कुलर बाबा, जो अपने कद-काठी और हाव-भाव के कारण सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं।
Mahakumbh 2025: महाकुंभ नगर के सेक्टर-2 स्थित मीडिया सेंटर के पास यूपी के पहले डबल डेकर बस रेस्तरां पंपकिन का उद्घाटन किया गया है। इस मौके पर बस रेस्तरां के संस्थापक का बयान भी सामने आया है।
महाकुंभ 12 वर्षों बाद प्रयागराज के संगम तट पर लगा हुआ है, ऐसे में अमृत स्नान के लिए साधु-संतों का जमावड़ा लगा हुआ है। अब सवाल उठता है कि आखिर साधु-संन्यासियों के लिए महाकुंभ इतना जरूरी क्यों रहता है?
Mahakumbh 2025: महाकुंभ मेले में एक ऐसे बाबा चर्चा में हैं, जिनके सिर पर 24 घंटे सफेद रंग का कबूतर बैठा रहता है। इन बाबा का नाम रंगपुरी है। सफेद रंग के कबूतर का नाम हरिपुरी है।
Mahakumbh 2025: महाकुंभ मेले में 30 पीपे के पुल का निर्माण किया गया है। इन पुलों से भारी वाहन गुजरते हैं। साथ ही लाखों की संख्या में पैदल चलने वाले श्रद्धालु इन पीपे के पुलों से होकर गुजरते हैं।
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