अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबल पुरस्कार पाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे। वह लगातार भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने की जबरन क्रेडिट लेना चाह रहे हैं। जबकि पीएम मोदी उनके इस दावे को खारिज कर चुके हैं। मगर वह नोबल के लिए बेताब हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी अजीबोगरीब नीतियों के चलते अपने देश की जनता के निशाने पर आ गए हैं। अमेरिका के लोग ट्रंप के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं। अमेरिका के 50 राज्यों में भारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पैरों में आई सूजन की जांच में 'क्रॉनिक वेन्स इन्सफिशियन्सी' का पता चला है। बताया जा रहा है कि यह बीमारी बुजुर्गों में आम है और ट्रंप पूरी तरह फिट हैं और सक्रिय हैं।
ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने बयान देते हुए कहा था कि ईरान ने बातचीत के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। इस पर अब ईरान ने पलटवार करते हुए कहा है कि ईरान का कोई भी अधिकारी उनकी चौखट पर नहीं गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मीठा खाना बेहद पसंद है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने ये बयान दिया है। बता दें कि व्हाइट हाउस को कवर करने वाले पत्रकारों के बच्चों के लिए व्हाइट हाउस में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसी दौरान उन्होंने यह बयान दिया।
ह्वाइट हाउस के एडवाइजरी बोर्ड में 2 जेहादियों की नियुक्त ने अमेरिका की आतंकवाद से लड़ने की मंशा पर सवाल खड़ा कर दिया है। इनमें से एक आतंकवादी का संबंध सीधे लश्कर-ए-तैयबा से रहा है, जो कश्मीर में आतंकवादी हमलों में शामिल रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वह चाहते हैं कि यह विवाद जल्द से जल्द सुलझ जाए। वह समझते हैं कि ये दोनों देश दशकों से एक-दूसरे के साथ मतभेद रखते आए हैं।
COVID19 lab leak theory : व्हाइट हाउस की वेबसाइट का यह पेज कोविड-19 महामारी की उत्पत्ति को लेकर एक लंबी बहस की फिर से शुरुआत कर रहा है।
ईरान और अमेरिका की ओर से जारी बयानों के मुताबिक दोनों देशों के बीच अगले दौर की बातचीत अगले शनिवार 19 अप्रैल को होगी। ईरान के विदेश मंत्री और अमेरिकी राजदूत के बीच पहली दौर की बातचीत ओमान की राजधानी मस्कट के बाहरी इलाके में स्थित एक जगह पर दो घंटे से ज्यादा समय तक हुई।
भारतीय निर्यातकों ने कहा कि अमेरिकी निर्णय ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने इस कदम को वापस ले लिया है। यह एक बड़ी राहत है। यह टैरिफ निलंबन हांगकांग और मकाऊ सहित चीन पर लागू नहीं है।
अमेरिका में ह्वाइट हाउस द्वारा अवैध प्रवासियों के निर्वासन का शेयर किए गए एक वीडियो से सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है। इसमें ह्वाइट हाउस ने एक ऐसा साउंड ट्रैक सेट कर दिया है, जिसकी खूब आलोचना हो रही है।
व्हाइट हाउस के दस्तावेजों में भारत पर 27 प्रतिशत शुल्क दिखाया गया था। हालांकि, नवीनतम अपडेट के अनुसार, इसे घटाकर 26 प्रतिशत कर दिया गया है।
व्हाइट हाउस में बुधवार को एक बच्चा बाड़ के बीच से घुसकर अंदर चला गया, जिसे सीक्रेट सर्विस ने पकड़कर उसके माता-पिता को सौंप दिया। इस घटना के पहले भी व्हाइट हाउस में इसी प्रकार की घुसपैठ हो चुकी है।
बयान के अनुसार, आधी रात के आसपास व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी में हथियारबंद व्यक्ति के अलावा कोई और घायल नहीं हुआ। गोलीबारी की घटना के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्लोरिडा में थे।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ट्वीट ने खलबली मचा दी है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि कल की रात बड़ी रात होगी। अब पूरी दुनिया सकते में है कि ट्रंप क्या ऐलान करेंगे?
ओवल हाउस अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक या कहें फॉर्मल Working Space है। White House के वेस्ट विंग में बने इसी ओवल ऑफिस में..दुनिया के हर देश के राष्ट्राध्यक्ष अमेरिका के राष्ट्रपति से आकर मिलते हैं। इसी ओवल रुम में भारतीय समय के मुताबिक..कल रात को 10 बजे एक मुलाकात शुरु हुई।
हथकड़ी लगाकर और बेड़ियों में जकड़कर अमेरिका अवैध प्रवासियों को उनके देश में भेज रहा है। इस बीच व्हाइट हाउस ने एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट किया जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय वार्ता बेहद सकारात्मक माहौल में हुई। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ में कई बातें कही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस में ट्रंप की एतिहासिक वापसी के बाद यह पीएम मोदी का पहला अमेरिका दौरा होगा। इससे पहले वह डोनाल्ड ट्रंप को फोन पर राष्ट्रपति चुनाव जीतने की बधाई दे चुके हैं।
अंमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर बड़ी रोचक खबर सामने आई है। खबर यह है कि ट्रंप की टिप्पणियों को सुनकर टाइप करने में व्हाइट हाउस के स्टेनोग्राफर की उंगलियां थक गई हैं। स्टेनोग्राफर पर काम का बोझ बढ़ गया है।
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