कानपुर: उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शुमार कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 को जोड़ने वाली लिफ्ट में क्षमता से अधिक यात्री सवार होने के कारण अचानक फंस गई, जिससे 18 लोग अंदर कैद हो गए। इस घटना ने स्टेशन पर अफरा-तफरी मचा दी और यात्रियों में घबराहट फैल गई।
घटना के अनुसार, यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के कारण स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। जल्दबाजी में कई यात्री फुटओवर ब्रिज तक पहुंचने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल करने लगे। लिफ्ट की निर्धारित क्षमता केवल 15 व्यक्तियों की है, लेकिन इसमें 18 लोग एक साथ घुस गए। जैसे ही लिफ्ट ऊपर की ओर बढ़ी, वह बीच में ही झटके के साथ रुक गई और पूरी तरह लॉक हो गई। अंदर फंसे यात्रियों ने बटन दबाने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। घुटन और डर के मारे लोग चीखने-चिल्लाने लगे, जिसकी आवाज सुनकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्रियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दिखाई।
यात्रियों ने खुद लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान लगभग 17 मिनट तक लोग अंदर बंद रहे और मदद के लिए पुकारते रहे। आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) के जवानों ने भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में सहयोग किया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। किसी भी यात्री को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन घटना ने यात्रियों में दहशत पैदा कर दी।
स्टेशन अधीक्षक अवधेश द्विवेदी ने बताया कि ओवरलोडिंग मुख्य कारण था। उन्होंने कहा कि लिफ्ट में 18 लोग सवार होने से ओवरलोड हो गई और तकनीकी गड़बड़ी के चलते बंद हो गई। साथ ही, फंसे यात्रियों द्वारा दरवाजा तोड़ने से रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, जिसके लिए उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, घटना के दौरान रेलवे की तकनीकी टीम या कोई अधिकारी तुरंत मौके पर नहीं पहुंचे, जिस पर कई यात्रियों ने नाराजगी जताई।
रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव, कानपुर
संपादक की पसंद