Friday, February 13, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. मिर्जापुर में काउंटिंग सेंटर की दीवार तोड़ने की उड़ी अफवाह, फिर CEO उत्तर प्रदेश को बतानी पड़ी पूरी सच्चाई

मिर्जापुर में काउंटिंग सेंटर की दीवार तोड़ने की उड़ी अफवाह, फिर CEO उत्तर प्रदेश को बतानी पड़ी पूरी सच्चाई

Written By: Jaya Dwivedie @JDwivedie Published : Jun 04, 2024 07:08 am IST, Updated : Jun 04, 2024 07:12 am IST

मिर्जापुर में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ईवीएम में छेड़छाड़ के लिए काउंटिंग सेंटर की दीवार तोड़ दी गई है। इस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सफाई दी और मामले की पूरी सच्चाई भी बताई, जिससे जाहिर हुआ कि कांग्रेस के आरोप सिर्फ एक अफवाह पर आधारित थे।

Mirzapur lok sabha seat- India TV Hindi
Image Source : X मिर्जापुर में दीवार टूटने को लेकर उड़ी अफवाह।

मिर्जापुर में काउंटिंग सेंटर की दीवार तोड़ने की अफवाह उड़ा दी गई और दावा किया गया कि ऐसा ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करने के लिए किया गया है। इस अफवाह के फैलने के बाद कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने गड़बड़ियों के आरोप लगाए, जिसके बाद मिर्जापुर में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को सामने आना पड़ा। सीईओ ने इस मामले पर सफाई दी और पूरी सच्चाई भी बताई। मतगणना केंद्र की दीवार तोड़ने की अफवाह पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पॉलिटेक्निक कॉलेज की चारदीवारी चुनार विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवारों के मतगणना एजेंटों के प्रवेश के लिए खोली गई थी क्योंकि छानबे विधानसभा क्षेत्र के मतगणना एजेंटों और मतगणना कर्मियों के रास्ते एक-दूसरे से टकरा रहे थे।

सीईओ ने बताया मामले का सच

सीईओ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'पॉलीटेक्निक कॉलेज की बाउंड्री वॉल में यह छेद चुनार विधानसभा क्षेत्र/पोस्टल बैलेट काउंटिंग के उम्मीदवारों के काउंटिंग एजेंटों के प्रवेश के लिए बनाया गया है। यह इसलिए जरूरी था क्योंकि छानबे विधानसभा क्षेत्र के काउंटिंग एजेंटों और काउंटिंग कर्मियों के रास्ते एक-दूसरे से टकरा रहे थे, जो मानक प्रक्रिया के अनुसार नहीं है। मिर्जापुर पीसी के जनरल और पुलिस ऑब्जर्वर की सलाह पर यह रास्ता बनाया गया।' सीईओ ने कांग्रेस के इस दावे का भी खंडन किया कि मिर्जापुर के जिला मजिस्ट्रेट भाजपा उम्मीदवार के रिश्तेदार हैं। 

सीईओ ने दी सफाई

सीईओ ने बताया कि मिर्जापुर पीसी के समाजवादी पार्टी उम्मीदवार को रविवार को इन तथ्यों के बारे में जानकारी दी गई थी। सीईओ ने कहा, 'ये तथ्य कल शाम डीएम मिर्जापुर द्वारा समाजवादी पार्टी उम्मीदवार को समझाए गए और वे संतुष्ट थे। सीईओ यूपी द्वारा आज शाम करीब 5:00 बजे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को भी यह तथ्य समझाए गए और उनकी संतुष्टि हुई।' 

कांग्रेस के दावे

इससे पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'मिर्जापुर में पॉलिटेक्निक कॉलेज के स्ट्रांग रूम में घुसने की नीयत से दीवार तोड़ी गई, ताकि ईवीएम से छेड़छाड़ की जा सके। बताया जा रहा है कि मिर्जापुर के जिलाधिकारी भाजपा प्रत्याशी के रिश्तेदार हैं। ऐसे में निष्पक्ष मतगणना संभव नहीं है।' कांग्रेस पार्टी ने आगे कहा, 'चुनाव आयोग को तुरंत इस घटना का संज्ञान लेना चाहिए और जिलाधिकारी को मतगणना प्रक्रिया से हटाकर पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित करनी चाहिए।' उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के सभी सात चरणों में मतदान 19 अप्रैल से शुरू होकर एक जून तक हुए थे। मतगणना आज होनी है। बात की जाए मिर्जापुर सीट की तो यहां से चुनावी मैदान में भाजपा प्रत्याशी अनुप्रिया पटेल मैदान हैं। वहीं सपा से राजेंद्र एस बींद और मनीष कुमार बसपा प्रत्याशी हैं

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement