उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के एक खनन क्षेत्र में हाल में खदान धंसने से एक दुखद हो गया था। इस घटना में कई मजदूर दब गए थे। मिली जानकारी के अनुसार, हादसे में अब तक 6 शव बरामद किए गए हैं। हालांकि, डीएम ने 5 शव बरामद किए जाने की पुष्टि की है। डीएम चंद्र विजय सिंह ने कहा, "अभी तक हमने 5 शव बरामद किए हैं। एक और शव मिलने की संभावना है, उसकी तलाश जारी है। दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जो खदान मालिक हैं। अगर कोई और दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।" ओबरा पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
रॉबर्ट्सगंज से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा था कि माफिया द्वारा चलाए जा रहे अवैध खनन के कारण यह घटना हुई। सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने बताया था कि शनिवार को शाम साढ़े चार बजे ओबरा थाने को सूचना मिली कि बिल्ली मारकुंडी स्थित ‘कृष्णा माइनिंग वर्क्स’ के खदान में पहाड़ी का एक भाग दरकने से कई मजदूर पत्थर/मलबे में दब गए हैं। उन्होंने कहा कि ओबरा पुलिस आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम के गठन का प्रयास कर रही है।
'क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है'
रॉबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा था, "इस घटना में 12 से 15 लोगों के पत्थरों के नीचे दबे होने की आशंका है। आदिवासी कई तरह से मारे जा रहे हैं। इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। इस इलाके में हर महीने एक-दो ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन खनन माफिया सब कुछ कैसे संभाल लेते हैं यह किसी को पता नहीं चलता।"
दारोगा, पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और खनन अधिकारी की मिलीभगत- छोटेलाल खरवार
खरवार ने आरोप लगाया था, "दारोगा, पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी और खनन अधिकारी की मिलीभगत है। इन सभी की मिलीभगत से अवैध खनन हो रहा है।" उन्होंने कहा, "मैं प्रभावित लोगों से मिलना चाहता था और उनके दुख में शामिल होना चाहता था लेकिन पुलिस ने मुझे बीच में ही रोक दिया।"
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