उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते दिनों लखनऊ में धर्मांतरण के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की। अवैध धर्मांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए यूपी एटीएस ने 50 हजार रुपये के इनामी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर पीर बाबा और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार कर लिया था। बता दें कि छांगुर बाबा के गिरोह को कई सालों में विदेशों से 100 करोड़ से अधिक की फंडिंग प्राप्त हो चुकी है। साथ ही गिरोह के कई सदस्य विदेश यात्रा करते थे, जिनमें ज्यादातर लोग गल्फ जाते थे। अवैध धर्मांतरण वाले जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा गैंग को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बयान देते हुए कहा है कि आरोपी और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी।
सीएम योगी ने दी कार्रवाई की चेतावनी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जलालउद्दीन की गतिविधियां समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। आरोपी और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और उन पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। राज्य में शांति, सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा को भंग करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्हें कानून के अनुसार ऐसी सजा दी जाएगी, जो समाज के लिए एक उदाहरण बने।'
धर्मांतरण कराने और रेट फिक्स करने का आरोप
बता दें कि लखनऊ निवासी गुंजा गुप्ता को अबू अंसारी ने छद्म हिन्दू नाम अमित रखकर प्रेम जाल में फंसाकर छांगुर शाह के पास दरगाह ले गया, जहां नीतू उर्फ नसरीन, नवीन उर्फ जमालुददीन आदि द्वारा गुन्जा गुप्ता का ब्रेनवाश करके खुशहाल जीवन का प्रलोभन देकर इस्लाम धर्म स्वीकार कराकर, अलीना अंसारी नाम रख दिया गया। इसके अलावा हिन्दू धर्म के ब्राह्मण, सरदार या क्षत्रिय की लड़की को इस्लाम स्वीकार कराने पर 15-16 लाख रुपये, पिछड़ी जाति की लड़की के लिये 10 से 12 लाख रुपये और अन्य जाति की लड़कियों को 8 से 10 लाख रुपये निर्धारित की गई थी।