बहराइच: जिले में एक बार फिर से लोगों के बीच भेड़िये का खौफ बैठ गया है। यहां महसी इलाके में सोमवार की रात एक बच्चे को भेड़िये ने मार डाला। परिजनों का कहना है कि तीन भेड़िये घर में घुसे और बच्चे को उठाकर ले गए। अगली सुबह बच्चे का शव क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद हुआ। बच्चे के दोनों हाथ और एक पैर भेड़ियों ने खा लिया था। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी तक की जांच में जो पद चिन्ह मिले हैं वो सियार के पदचिन्ह से मिलते हैं। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं तलाशी और जागरुकता अभियान शुरू कर दिया गया है।
मृत बच्चे की मां खुशबू ने बताया, ‘‘बीती रात दो साल के आयुष एवं बेटी के साथ हम लोग घर के बरामदे में सोये हुये थे, तभी भेड़िये आकर बच्चे को उठा ले गये। मैंने खुद भेड़िए को देखा। हम पीछे-पीछे गये लेकिन उन्होंने बच्चे को छोड़ा नहीं। सुबह गन्ने के खेत में आयुष का शव मिला।’’ वहीं मृत बच्चे के पिता प्रमोद ने बताया कि भेड़िए ने बच्चे के दोनों हाथ एवं एक पैर खा लिए हैं। पड़ोसी गांव कोठवल कलां के ग्राम प्रधान ज्ञानेंद्र सिंह ने बच्चे की मां के बारे में बताया, ‘‘वह हमारे गांव की बहू है, जो अपने मायके गदामार कलां गई हुई थी। पता चला है कि महिला बरामदे में बच्चों के साथ सो रही थी, तीन भेड़िए आए और दो वर्षीय बच्चे को उठाकर ले गए। गन्ने के खेत में बच्चे का शव मिला, बच्चे के दो हाथ व एक पैर गायब हैं।’’
हालांकि डीएफओ अजीत प्रताप सिंह ने बताया, ‘‘बीती रात करीब 12-एक बजे सूचना मिली कि महसी तहसील के गदामार कलां गांव से कोई जानवर एक बच्चे को उठा ले गया है। तलाशी अभियान चलाया गया, सुबह पांच बजे गन्ने के एक खेत में बच्चे का शव मिला। पूरी टीम लगाकर बारीकी से निरीक्षण करने पर शव के निकट संदिग्ध पदचिह्न दिखे, जो सियार के थे। जिस दिशा में पदचिह्न थे उस दिशा में थर्मल ड्रोन से तलाश शुरू हुई तो शव से 250-300 मीटर दूर दो सियारों के आने का पता चला।’’ उन्होंने आगे कहा,‘‘ बच्चे का शव पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है तथा सात टीम बनाकर तलाशी एवं जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। विभाग के लोग ग्रामीणों को समझा रहे हैं कि वे घरों में रहें, अकेले घर से बाहर कतई न निकलें, बच्चों का विशेष ध्यान रखें।"
बता दें कि पिछले साल भी बहराइच के महसी तहसील में ही भेड़ियों के हमले से दहशत मची हुई थी। यहां घाघरा नदी के कछार में स्थित 50 गांवों के हजारों नागरिकों में भेड़ियों की दहशत थी। इसके अलावा 17 जुलाई 2024 से सितंबर माह तक सात बच्चों समेत आठ लोगों की जंगली जानवरों के हमलों से मौत हो गई थी, जबकि करीब तीन दर्जन लोग घायल हुए थे। (इनपुट- पीटीआई)
संपादक की पसंद