छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में गिने जाने वाले गार्डन चौक में अटल परिसर के ठीक सामने बीच सड़क पर बैठकर एक व्यक्ति का खुलेआम शराब पीना न केवल हैरान करने वाला है, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही और पुलिस निगरानी की पोल भी खोलता है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शहर में आक्रोश का माहौल बन गया है।
बीच सड़क पर बैठकर पीता रहा शराब, लोग बने मूक दर्शक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना बलौदाबाजार जिले के गार्डन चौक की है, जहां अटल परिसर के सामने एक शराबी व्यक्ति बीच सड़क पर बैठ गया और खुलेआम शराब पीने लगा। वह न तो किसी से डरता नजर आया और न ही उसे इस बात की चिंता थी कि उसकी हरकत से यातायात बाधित हो रहा है। इस दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। राहगीरों को मजबूरी में अपने वाहन रोकने पड़े, जिससे जाम जैसी स्थिति बन गई। लोग असहज महसूस करते रहे, लेकिन मौके पर न तो पुलिस पहुंची और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी दिखाई दिया।
दो दिन पुरानी घटना, अब वीडियो हुआ वायरल
बताया जा रहा है कि यह घटना करीब दो दिन पुरानी है। उसी समय किसी राहगीर ने अपने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो वायरल होते ही शहर में हड़कंप मच गया। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि शराबी व्यक्ति बेखौफ होकर सड़क के बीच बैठा है और शराब पी रहा है। आसपास लोग गुजर रहे हैं, वाहन निकल रहे हैं, लेकिन कोई भी उसे रोकने या समझाने की स्थिति में नजर नहीं आता। यह दृश्य कई सवाल खड़े करता है।
वीडियो सामने आने के बाद शहर के नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि शहर के मुख्य चौक पर वह भी दिनदहाड़े, इस तरह की हरकत हो सकती है तो आम इलाकों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
संवेदनशील क्षेत्र में घटना, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वह इलाका प्रशासनिक और न्यायिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। गार्डन चौक से महज करीब 150 मीटर की दूरी पर थाना स्थित है, लगभग 200 मीटर दूर न्यायालय है और इसी मार्ग से कलेक्ट्रेट तथा अन्य महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालयों का आवागमन होता है। इसके बावजूद दिनदहाड़े बीच सड़क पर शराब पीने की घटना होना पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का कहना है कि यदि इस क्षेत्र में पुलिस की नियमित गश्त होती, तो ऐसी घटना संभव ही नहीं थी।
कानून व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने बलौदाबाजार जिले की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि जब प्रशासनिक मुख्यालय के इतने नजदीक इस तरह की हरकत हो सकती है, तो दूरदराज और रिहायशी इलाकों में स्थिति कितनी खराब होगी। नागरिकों का आरोप है कि पुलिस की गश्त केवल कागजों तक सीमित रह गई है। वास्तविकता में सड़क पर कानून का डर नजर नहीं आता। असामाजिक तत्वों को यह भरोसा हो गया है कि उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाती हैं। गार्डन चौक के आसपास शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग सेंटर और सार्वजनिक कार्यालय स्थित हैं। दिनभर इस मार्ग से छात्राएं, महिलाएं और बुजुर्ग गुजरते हैं। ऐसे में बीच सड़क पर शराबखोरी न केवल अशोभनीय है, बल्कि किसी अप्रिय घटना की आशंका भी बढ़ा देती है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि शराबी व्यक्ति किसी से उलझ जाता या कोई दुर्घटना हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता।
सोशल मीडिया पर उठी कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई लोगों ने सवाल किया है कि आखिर पुलिस उस समय कहां थी। कुछ यूजर्स ने इसे कानून व्यवस्था का मजाक बताया, तो कुछ ने सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा है कि इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं, लेकिन अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। अब जब वीडियो सामने आया है, तो प्रशासन को जवाब देना चाहिए।
बलौदाबाजार से सिकंदर खान की रिपोर्ट