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ऐसी विदाई हर किसी को नसीब नहीं होती! स्कूल प्रिंसिपल के रिटायरमेंट पर गले से लिपटकर रोईं छात्राएं, VIDEO वायरल

बिहार के गया में एक स्कूल प्रिंसिपल के रिटायरमेंट के मौके पर उनकी छात्राएं इतनी भावुक हो गईं कि गले से लिपटकर रोने लगीं। इसका वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें गुरू और शिष्य के बीच के मजबूत रिश्ते को देखा जा सकता है।

Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
Published : Feb 02, 2026 09:47 am IST, Updated : Feb 02, 2026 09:48 am IST
Bihar- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT स्कूल प्रिंसिपल के रिटायरमेंट पर गले से लिपटकर रोईं छात्राएं

गया: जिंदगीभर काम करने के बाद हर व्यक्ति आखिर में रिटायर जरूर होता है। रिटायरमेंट के वक्त अगर लोगों की आंखों में आंसू आ जाएं तो ये तय है कि शख्स ने जीवन में केवल काम ही नहीं किया बल्कि लोगों के दिलों में अपने लिए जगह भी बनाई है। 

बिहार के गया जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल प्रिंसिपल जब रिटायर हुए तो छात्राएं बिलख-बिलखकर रोईं और अपने टीचर को गले से लगा लिया। ये माहौल देखकर सभी लोग भावुक हो गए। इसका वीडियो वायरल हो रहा है।

क्या है मामला?

बिहार के गया जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया। डुमरिया प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय बसडीहा में 31 जनवरी को उस वक्त माहौल बेहद भावुक हो गया, जब स्कूल के प्रिंसिपल राजेन्द्र प्रसाद अपने लंबे सेवा काल के बाद रिटायर हो गए।

विदाई समारोह के दौरान स्कूल की छात्राएं फूट-फूटकर रोने लगीं। बच्चों को रोता देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। जैसे ही राजेन्द्र प्रसाद स्कूल से जाने लगे, छात्राएं उनसे लिपट गईं और जोर-जोर से रोने लगीं। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि खुद राजेन्द्र प्रसाद भी अपने आंसुओं को रोक नहीं सके। वह भी बच्चों को गले लगाकर रोते नजर आए। शिक्षक और छात्राओं के बीच का यह भावनात्मक रिश्ता शब्दों में बयान करना मुश्किल है।

बताया जाता है कि राजेन्द्र प्रसाद लंबे समय से मध्य विद्यालय बसडीहा में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी सादगी, सरल स्वभाव और कार्यकुशलता से पूरा विद्यालय परिवार प्रभावित था। पढ़ाने का उनका तरीका बेहद सहज और अपनापन भरा था। वह छात्रों को अपने बच्चों की तरह मानते थे। कभी डांट-फटकार नहीं, बल्कि गलती होने पर भी प्यार से समझाना उनकी पहचान थी। होमवर्क न करने पर भी वह बच्चों को डांटने के बजाय समझाते और प्रोत्साहित करते थे।

यही वजह थी कि उनकी विदाई के समय छात्राएं खुद को संभाल नहीं पाईं। राजेन्द्र प्रसाद बच्चों के सिर पर प्यार से हाथ फेरते हुए उन्हें चुप कराने की कोशिश करते रहे। लेकिन माहौल इतना भावुक था कि हर आंख नम हो गई। यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि बच्चों के दिलों में जगह बनाना ही सच्ची शिक्षा है।

विदाई समारोह के बाद राजेन्द्र प्रसाद को चारपहिया वाहन से उनके घर तक पहुंचाया गया। शिक्षक और छात्राओं का भावुक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। (इनपुट: अजित कुमार)

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