इंडिया में आज भी एक बहुत बड़ी आबादी कहीं जाने के लिए ट्रेन को पहली नंबर पर रखती है। कई सारे लोग लंबे सफर के दौरान ट्रेन का टिकट करवाते हैं तो वहीं कई सारे लोग तो छोटे सफर जैसे रोज ऑफिस जाने के लिए भी लोकल ट्रेनों को चुनते हैं। आप भी ट्रेन से कभी न कभी सफर करते ही रहते होंगे। अब अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो उससे जुड़े कई सवाल आपके मन में आते ही होंगे जैसे अलग-अलग ट्रेनों के डिब्बों के रंग अलग-अलग क्यों होते हैं, ट्रेन के लास्ट वाले डिब्बे पर X क्यों लिखा होता है आदि। आज हम आपको एक बहुत ही कमाल की जानकारी देने वाले हैं।
रेलवे का हाथी से क्या संबंध है?
ऊपर लिखा हुआ सब-हेड पढ़ने के बाद आपके दिमाग में यही चल रहा होगा कि आखिर भारतीय रेलवे का हाथी से क्या संबंध हो सकता है। चलिए फिर आपका कीमती समय बर्बाद नहीं करते हैं और मुद्दे की बात कर रहे हैं। आपको बता दें कि रेलवे का अपना एक शुभंकर (Mascot) है। पहले आप यह जान लीजिए कि शुभंकर क्या होता है। यह एक इंसान, जानवर या फिर वस्तु होता है जो किसी टीम, समूह या फिर देश का प्रतीक माना जाता है और ये पहचान दर्शाने वाली होती है।
आइए अब मेन टॉपिक पर आते हैं। आपको बता दें कि रेलवे का शुभंकर जिसका नाम भोलू है, वो एक हाथी है। दरअसल एक हाथी जो रेलवे गार्ड की ड्रेन पहने हुए है, उसे साल 2002 में रेलवे की 150वीं सालगिरह पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन ने बनाया था। वहीं रेलवे ने इस हाथी की कलाकृति को साल 2003 में अपना शुभंकर माना। तो इस तरह भारतीय रेलवे का हाथी से संबंध है क्योंकि उसका शुभंकर एक हाथी है।
नोट: इस आर्टिकल में आपको दी गई पूरी जानकारी अलग-अलग रिपोर्ट्स के आधार पर है और इंडिया टीवी ऊपर दी गई जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।
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