Railway Interesting Facts: भारतीय रेलवे यात्रियों की उन आवश्यक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखता है जो उन्हें सफर के दौरान चाहिए होती हैं। यही वजह है कि, रेलवे ट्रेनों में कई ऐसे संकेतक और चिह्न बना देता है जिनके माध्यम से यात्रियों को उनके मतलब की आवश्यक जानकारी मिल सके। हालांकि, कई बार ऐसे संकेतक यात्रियों के लिए मददगार साबित होते हैं मगर ऐसे मौके भी आते हैं जब यात्री इन बोर्ड्स को देखकर कन्फ्यूज हो जाते हैं। रेलवे द्वारा लगाए जाने वाले ऐसे बोर्ड और संकेतकों की जानकारी होना यात्रियों को अत्यंत आवश्यक है। यदि आप भी इन साइन बोर्ड्स को नजरअंदाज कर देते हैं तो सावधान हो जाएं क्योंकि ऐसा करने से संभवत: आपकी ट्रेन यात्रा बेहद पीड़ादायक हो सकती है। आज हम आपको रेलवे के ऐसे साइनबोर्ड के लगाने की वजह के बारे में बताने जा रहे हैं जो प्राय: आपको ट्रेन यात्रा के दौरान दिख जाता होगा मगर उसका मतलब कई लोगों को नहीं पता होता है। ये साइन बोर्ड है H1 का जिसे ट्रेन के कोच पर लगाया जाता है। क्या आपको पता है कि, ट्रेन के कोच पर H1 का बोर्ड लगाया जाता है ? यदि आप नहीं जानते हैं तो आज हम आपको इसके बारे में बता देते हैं।
गौरतलब है कि, पिछले कुछ वर्षों में रेलवे ने यात्रियों के हित में सुरक्षा, सुविधा और डिजिटल अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई काम किए हैं। मसलन, 'रेल मदद' पोर्टल से शिकायत निवारण, 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत स्टेशनों का पुनर्विकास (सुविधाएं, लिफ्ट, एस्केलेटर), ई-टिकटिंग को अपग्रेड करना, प्रीमियम ट्रेनों में भोजन, और चलती ट्रेनों में स्टाफ की तैनाती से ऑन-द-स्पॉट समाधान। इसके अलावा, कैशलेस लेनदेन, फ्री बेडरोल, मेडिकल सहायता, और 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' जैसी पहलें भी शामिल हैं, जिससे यात्रा आसान और आरामदायक हो सके।

भारतीय रेलवे द्वारा रेलवे ट्रैक और ट्रेन के कोच पर साइन बोर्ड सुरक्षा और संचालन को व्यवस्थित बनाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ये संकेतक यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
यदि आपको नहीं पता है तो आपको बता दें कि, ट्रेन के कोच पर H1 का बोर्ड इसलिए लगाया जाता है ताकि यात्रियों को पता चल सके कि यह एसी फर्स्ट क्लास (AC First Class) का कोच है, जो भारतीय रेलवे की सबसे प्रीमियम और महंगी श्रेणी होती है और इसमें यात्रियों को निजी केबिन (private cabins) और बेहतर सुविधाएं मिलती हैं। H अक्षर 'First Class' (प्रथम श्रेणी) को दर्शाता है, और '1' उस कोच की क्रम संख्या होती है।

अब अगर आप ट्रेन से सफर करें और आपको H1 का बोर्ड दिखे तो समझ जाएं कि, ये कोच सबसे प्रीमियम और महंगी श्रेणी वाला है। यदि आपके पास इस कोच का टिकट नहीं है और फिर भी आप इसमें सफर करते पाए गए तो आपको भारी नुकसान जुर्माने या सजा के तौर पर उठाना पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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