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ममता के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को ईडी ने किया गिरफ्तार, राशन घोटाले में कल पड़ा था छापा

 Edited By: Swayam Prakash
 Published : Oct 27, 2023 11:49 am IST,  Updated : Oct 27, 2023 11:49 am IST

ED ने आज तड़के पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी कई करोड़ रुपये के राशन घोटाले में हुई मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने की है। ममता के मंत्री को 17-18 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है।

Jyotipriya Malik- India TV Hindi
पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक हुए गिरफ्तार Image Source : FILE PHOTO

कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल में कई करोड़ रुपये के कथित राशन वितरण घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग केस में राज्य के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि मंत्री को 17-18 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद शुक्रवार को तड़के धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया है। ईडी अधिकारियों ने कहा कि मलिक को तड़के साढ़े तीन बजे कोलकाता के बाहरी इलाके में स्थित सॉल्ट लेक में उनके आवास से कोलकाता में स्थित केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय लाया गया। इसके बाद अब मलिक को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी कस्टडी मांगेगा। 

मलिक बोले- मैं बहुत बड़ी साजिश का शिकार

राशन वितरण घोटाला से संबंधित मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के मंत्री ने कहा, "मैं बहुत बड़ी साजिश का शिकार हुआ हूं।" मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि यह साजिश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके नेता शुभेंदु अधिकारी ने रची है जो पहले तृणमूल कांग्रेस पार्टी में पूर्व सहयोगी थे। ईडी ने इससे पहले मंत्री बकिबुर रहमान के एक विश्वासपात्र को गिरफ्तार किया था जिसकी रिमांड इस सप्ताह खत्म होने वाली है। सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी मामले में घटनाक्रमों के बारे में दोनों का बयान जानने के लिए उन्हें आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है। 

कल मंत्री के घर ईडी ने की थी तलाशी
केंद्रीय एजेंसी ने गुरुवार को मलिक के परिसरों पर तलाशी शुरू की थी। ईडी ने मध्य कोलकाता में एमहर्स्ट स्ट्रीट पर उनके पैतृक आवास की भी तलाशी ली। राशन घोटाला सार्वजनिक वितरण प्रणाली और कोविड लॉकडाउन के दौरान खाद्यान्न वितरण में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। इससे पहले गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूछताछ के दौरान मलिक को कुछ भी होने की स्थिति में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की चेतावनी दी थी क्योंकि वह बीमार थे और उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियां थीं। बनर्जी ने विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ ईडी की छापेमारी को भाजपा की ‘‘एक गंदी राजनीति’’ बताया। 

बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग
तृणमूल कांग्रेस नेता और राज्य की मंत्री शशि पांजा ने भी मलिक के आवास पर छापेमारी की निंदा की थी और कहा था कि ‘‘यह ‘विजया दशमी’ के समय में बंगाल की संस्कृति पर हमला है और यह बदले की राजनीति के सिवा कुछ नहीं है’’। राज्य के मंत्री की गिरफ्तारी के जवाब में भाजपा ने कहा कि मामले में जांच की गति को देखते हुए ऐसा होना ‘‘अपेक्षित’’ था। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सामिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘उनके सहयोगियों में से एक द्वारा किए गए खुलासे के बाद गिरफ्तारी अपेक्षित थी, जिसे कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। एक बार फिर यह साबित हुआ है कि तृणमूल कांग्रेस भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबी हुई है।’’ पिछले एक साल में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा दो अन्य विधायकों और तृणमूल कांग्रेस के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल को स्कूल भर्ती घोटाला और मवेशी तस्करी के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।

(इनपुट- PTI)

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