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बालासोर रेल हादसा: किसी को पानी खून की तरह दिख रहा, तो किसी की भूख लगनी बंद... रेस्क्यू में जुटे NDRF कर्मियों की हो रही काउंसलिंग

 Published : Jun 06, 2023 03:11 pm IST,  Updated : Jun 06, 2023 03:11 pm IST

भारत के सबसे भीषण रेल हादसों में से एक इस दुर्घटना में कम से कम 278 लोगों की मौत हो गई थी और 900 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

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NDRF कर्मियों ने 44 पीड़ितों को बचाया Image Source : PTI

बालासोर रेल हादसा इतना दर्दनाक और ना भूल पाने वाला था कि बचाव अभियान में जुटे एनडीआरएफ कर्मियों की भूख तक मर चुकी है। किसी को तो पानी ही खून जैसा नजर आ रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के महानिदेशक अतुल करवाल ने मंगलवार को बताया कि ओडिशा के बालासोर में ट्रेन दुर्घटनास्थल पर बचाव अभियान में तैनात बल का एक कर्मी जब भी पानी देखता है तो उसे वह खून की तरह लगता है जबकि एक अन्य बचावकर्मी को भूख लगना बंद हो गई है। बालासोर में तीन ट्रेनों के आपस में टकराने के बाद बचाव अभियान के लिए एनडीआरएफ के नौ दलों को तैनात किया गया था।

NDRF कर्मियों की आपबीती

भारत के सबसे भीषण रेल हादसों में से एक इस दुर्घटना में कम से कम 278 लोगों की मौत हो गई थी और 900 से ज्यादा लोग घायल हो गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कर्मियों ने 44 पीड़ितों को बचाया और घटनास्थल से 121 शव बरामद किए। आपदा प्रतिक्रिया के लिए क्षमता निर्माण पर वार्षिक सम्मेलन, 2023 को संबोधित करते हुए करवाल ने कहा, ‘‘मैं बालासोर ट्रेन हादसे के बाद बचाव अभियान में शामिल अपने कर्मियों से मिला... एक कर्मी ने मुझे बताया कि वह जब भी पानी देखता है तो उसे वह खून की तरह लगता है। एक अन्य बचावकर्मी ने बताया कि इस बचाव अभियान के बाद उसे भूख लगना बंद हो गई है।’’

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Image Source : PTIबालासोर रेल हादसा

मानसिक सेहत के लिए कराई जा रही काउंसलिंग
हाल में दुर्घटनास्थल का दौरा करने वाले एनडीआरएफ के महानिदेशक ने कहा कि बल ने अपने कर्मियों के बचाव एवं राहत अभियान से लौटने पर उनके लिए मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और मानसिक स्थिरता पाठ्यक्रम शुरू किया है। उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी मानसिक सेहत के वास्ते ऐसी काउंसलिंग हमारे उन कर्मियों के लिए करायी जा रही है जो आपदाग्रस्त इलाकों में बचाव एवं राहत अभियानों में शामिल होते हैं।’’ करवाल ने कहा कि पिछले साल से अब तक इस संबंध में कराए विशेष अभ्यास के बाद तकरीबन 18,000 कर्मियों में से 95 प्रतिशत कर्मी ‘फिट’ पाए गए।

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