1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अन्य देश
  4. आसिया बीबी ने नई किताब में बताई पाकिस्तान के जेल में उनके साथ हुई हैवानियत की खौफनाक दास्तान

आसिया बीबी ने नई किताब में बताई पाकिस्तान के जेल में उनके साथ हुई हैवानियत की खौफनाक दास्तान

 Reported By: Bhasha
 Published : Jan 30, 2020 12:59 pm IST,  Updated : Jan 30, 2020 01:01 pm IST

पाकिस्तान की जेल में कभी बदतर हालात में 8 साल तक पल-पल मौत की सजा का इंतजार करने वाली आसिया बीबी इन दिनों कनाडा में अपनी नई जिंदगी को पटरी पर लाने की जद्दोजहद कर रही हैं।

Christian woman Asia Bibi, Asia Bibi, Asia Bibi Book, Asia Bibi Pakistan, Asia Bibi- India TV Hindi
आसिया बीबी ने नई किताब में बताई पाकिस्तान के जेल में उनके साथ हुई हैवानियत की खौफनाक दास्तान | Facebook

पेरिस: पाकिस्तान की जेल में कभी बदतर हालात में 8 साल तक पल-पल मौत की सजा का इंतजार करने वाली आसिया बीबी इन दिनों कनाडा में अपनी नई जिंदगी को पटरी पर लाने की जद्दोजहद कर रही हैं। ईसाई धर्म से ताल्लुक रखने वाली आसिया बीबी को ईशनिंदा के आरोप में पाकिस्तान की एक अदालत ने 2010 में मौत की सजा सुनाई थी लेकिन 2018 में नाटकीय तरीके से उन्हें रिहा कर दिया गया। अब आसिया कनाडा में एक अज्ञात स्थान पर रहती हैं।

आसिया बीबी से मिलकर लिखी किताब

आसिया के जीवन पर एक किताब ‘एनफिन लिबरे (आखिरकार आजादी मिली) आई है जिसमें उन्होंने आपबीती बयान की है। फ्रांस में बुधवार को प्रकाशित हुई इस किताब का अंग्रेजी संस्करण सितंबर में आएगा। फ्रांस की पत्रकार एन-इजाबेल तोलेत इस किताब की सहलेखिका हैं और वह कनाडा में आसिया बीबी के समर्थन में एक अभियान भी चला चुकी हैं। तोलेत एक मात्र पत्रकार हैं जिन्हें कनाडा में आसिया बीबी से मिलने दिया गया। 

‘मैं कट्टरता की कैदी हो गई थी’
किताब में आसिया बीबी ने जेल में बिताए अपने दिनों, रिहाई से मिली राहत और एक नए जीवन को संवारने में आ रही दिक्कतों का जिक्र किया है। आसिया ने किताब में कहा है, ‘आप मीडिया के जरिए मेरी कहानी जानते हैं। लेकिन जेल, फिर यहां नई जिंदगी, नयी शुरूआत के बारे में आप कुछ नहीं जानते। मैं कट्टरता की कैदी हो गई थी। आंसू ही जेल में मेरा एकमात्र सहारा थे।’ 

‘वहां सिर्फ अंधेरा और मौत का अहसास था’
आसिया बीबी ने किताब में पाकिस्तान में जेल की बुरी स्थिति के बारे में बताया है जहां उन्हें जंजीरों में जकड़ कर रखा गया था। उन्होंने कहा, ‘मेरी कलाइयां जलने लगती थीं, सांस लेना मुश्किल था। मेरी गर्दन में लोहे की पट्टा बंधा रहता था जिसे गार्ड एक नट के जरिए कस सकता था। यह पट्टा लोहे की जंजीर से जुड़ा था और बेहद लंबा थी जिसका दूसरा छोर मेरी कलाइयों को जकड़ता था। जंजीर गंदे फर्श पर पड़ी रहती थी। आसपास केवल अंधेरा था और था मौत का अहसास।’ 

‘दूसरे कैदी भी नहीं दिखाते थे रहम’
आसिया बीबी ने कहा कि दूसरे कैदी भी उनके प्रति कोई अपनापन या रहम नहीं दिखाते थे। मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में ईशनिंदा एक ऐसा अपराध है जिसमें मौत की सजा हो सकती है या महज आरोप भर से कोई भीड़ का शिकार हो सकता है। आसिया बीबी का झगड़ा 2009 में एक मुस्लिम उलेमा खादिम हुसैन रिजवी से हो गया था जिसके बाद उसने उन पर ईशनिंदा का आरोप लगा दिया। आसिया बीबी इस आरोप से इनकार करती रही हैं। 

‘पाकिस्तान मेरा देश है लेकिन...’
उन्होंने किताब में लिखा है कि मुस्लिम बहुल देश में अल्पसंख्यक ईसाइयों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। फिलहाल कनाडा में सुरक्षित जीवन जी रहीं आसिया बीबी कभी भी अपने वतन न लौटने की शर्त से बंधी हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘इस अजनबी देश में मैं एक नए गंतव्य, शायद कह लें एक नए जीवन के लिए तैयार हूं। लेकिन किस कीमत पर? मैं उस समय बुरी तरह से टूट गई जब मैं अपने पिता को अलविदा कहे बिना, अपने परिवार वालों से मिले बिना यहां के लिए रवाना हो गई। पाकिस्तान मेरा देश है। मुझे अपने देश से प्यार है लेकिन मैं हमेशा के लिए निर्वासन में हूं।’

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Around the world से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश