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अफगान सरकार के अधिकारी ने कहा, सत्ता ‘हस्तांतरण’ की तैयारी के लिए राष्ट्रपति भवन जा रहे हैं तालिबान के वार्ताकार

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 15, 2021 02:44 pm IST,  Updated : Aug 15, 2021 03:14 pm IST

उन्होंने काबुल के लोगों को आश्वासन दिया कि सुरक्षा बल शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। उधर तालिबान ने एक बयान में कहा कि उनकी काबुल को ‘जबरदस्ती’ अपने कब्जे में लेने की योजना नहीं है।

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अफगान सरकार ने तालिबान के आगे घुटने टेके? गृह मंत्री ने कहा-'शांतिपूर्वक होगा सत्ता हस्तांतरण ' Image Source : AP

काबुल: अफगानिस्तान में तालिबान के घुसने और फायरिंग की खबरों के बीच अफगानिस्तान के गृह मंत्री अब्दुल सत्तार मिर्जाकवाल ने कहा है कि काबुल में किसी तरह का हमला नहीं होगा। सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्क होगा। उन्होंने काबुल के लोगों को आश्वासन दिया कि सुरक्षा बल शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। तालिबान ने एक बयान में कहा कि उनकी काबुल को ‘जबरदस्ती’ अपने कब्जे में लेने की योजना नहीं है। इस बीच अफगानिस्तान सरकार के एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि तालिबान वार्ताकार सत्ता ‘हस्तांतरण’ की तैयारी के लिए राष्ट्रपति भवन जा रहे हैं।

अफगानिस्तान के तीन अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि तालिबान ने राजधानी काबुल के बाहरी इलाकों में रविवार को प्रवेश कर लिया है। चरमपंथियों की देश पर मजबूत होती पकड़ के बीच, घबराए सरकारी कर्मचारी दफ्तरों को छोड़कर भाग निकले। इसी दौरान अमेरिकी दूतावास पर हेलीकॉप्टर आ गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि तालिबान के लड़ाके कलाकान, काराबाग और पघमान जिलों में मौजूद हैं। चरमपंथियों ने इससे पहले जलालाबाद पर कब्जा किया था।

आपको बता दें कि दो दशक की लड़ाई के बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी और नाटों बलों की संपूर्ण वापसी से पहले तालिबान देश पर हर ओर से कब्जा करता जा रहा है। राजधानी काबुल के बाहरी इलाकों में प्रवेश से पूर्व रविवार सुबह चरमपंथी संगठन ने जलालाबाद पर कब्जा कर लिया था। काबुल के अलावा जलालाबाद ही ऐसा इकलौता प्रमुख शहर था जो तालिबान के कब्जे से बचा हुआ था। यह पाकिस्तान से लगती एक प्रमुख बॉर्डर क्रॉसिंग के निकट स्थित है।

अब अफगानिस्तान की केंद्रीय सरकार के अधिकार में देश की 34 प्रांतीय राजधानियों में से काबुल के अलावा छह अन्य प्रांतीय राजधानी ही बची हैं। अमेरिकी दूतावास के निकट राजनयिकों के बख्तरबंद एसयूवी वाहन निकलते दिखे और इनके साथ ही विमानों की लगातार आवाजाही भी देखी गई। हालांकि अमेरिका सरकार ने अभी इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी है।

अमेरिकी दूतावास की छत के निकट धुएं उठता देखा गया जिसकी वजह अमेरिका के दो सैन्य अधिकारियों के मुताबिक राजनयिकों द्वारा संवेदनशील दस्तावेजों को जलाना है। चेक गणराज्य ने भी अपने दूतावास से अफगान कर्मियों को निकालने की योजना को मंजूरी दे दी है। इससे पहले उसने अपने राजनयिकों को काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पहुंचा दिया।

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