1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. पाकिस्तान: ऐतिहासिक ‘गुरु नानक महल’ में तोड़फोड़, खिड़कियों और दरवाजों तक को बेचा गया

पाकिस्तान: ऐतिहासिक ‘गुरु नानक महल’ में तोड़फोड़, खिड़कियों और दरवाजों तक को बेचा गया

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : May 27, 2019 01:28 pm IST,  Updated : May 27, 2019 01:28 pm IST

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कुछ स्थानीय लोगों ने औकाफ विभाग के अधिकारियों की कथित मौन सहमति से सदियों पुराने ‘गुरु नानक महल’ का एक बड़ा हिस्सा तोड़ दिया।

Historical 'Guru Nanak palace' demolished by locals in Narowal of Pakistan | Google Maps- India TV Hindi
Historical 'Guru Nanak palace' demolished by locals in Narowal of Pakistan | Google Maps

लाहौर: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कुछ स्थानीय लोगों ने औकाफ विभाग के अधिकारियों की कथित मौन सहमति से सदियों पुराने ‘गुरु नानक महल’ का एक बड़ा हिस्सा तोड़ दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, महल की कीमती खिड़कियों और दरवाजों को बेच दिया गया। ‘डॉन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस 4 मंजिला इमारत की दीवारों पर सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक के अलावा हिंदू शासकों और राजकुमारों की तस्वीरें थीं। रिपोर्ट के अनुसार ऐसा बताया जाता है कि ‘बाबा गुरु नानक महल’ 4 सदी पहले बनाया गया था और इसमें भारत समेत दुनियाभर से सिख आया करते हैं।

महल में थे 16 कमरे

इसमें बताया गया है कि प्रांतीय राजधानी लाहौर से करीब 100 किलोमीटर दूर नारोवाल शहर में बने इस महल में 16 कमरे थे और हर कमरे में कम से कम 3 नाजुक दरवाजे और कम से कम 4 रोशनदान थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि औकाफ विभाग के अधिकारियों की कथित मौन सहमति से स्थानीय लोगों के एक समूह ने महल को आंशिक रूप से ध्वस्त कर दिया और उसकी कीमती खिड़कियां, दरवाजे और रोशनदान भी बेच दिए। प्राधिकारियों को इस महल के ‘मालिक’ के बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

दुनियाभर के सिख आते थे
स्थानीय निवासी मोहम्मद असलम ने कहा, ‘इस पुरानी इमारत को बाबा गुरु नानक महल कहा जाता है और हमने उसे महलां नाम दिया है। भारत समेत दुनियाभर से सिख यहां आया करते थे।’ एक अन्य स्थानीय निवासी मोहम्मद अशरफ ने कहा, ‘औकाफ विभाग को इस बारे में बताया गया कि कुछ प्रभावशाली लोग इमारत में तोड़ फोड़ कर रहे हैं लेकिन किसी भी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही कोई यहां पहुंचा। प्रभावशाली लोगों ने औकाफ विभाग की मौन सहमति से इमारत को ध्वस्त कर दिया और उसकी कीमती खिड़कियां, दरवाजे, रोशनदान और लकड़ी बेच दीं।’

मालिक का पता नहीं
समाचार पत्र ने कहा कि उसने इवेक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के उपायुक्त से लेकर इमारत में रहने वाले परिवार तक कई लोगों से बात करने की कोशिश की ताकि यह पता लगाया जा सके कि इमारत की कानूनी स्थिति क्या है, इसका मालिक कौन है और कौन-सी सरकारी एजेंसी इसका रिकॉर्ड रखती है, लेकिन समाचार पत्र को कोई जानकारी नहीं मिल सकी। नरोवाल के उपायुक्त वहीद असगर ने कहा, ‘राजस्व रिकॉर्ड में इस इमारत का कोई जिक्र नहीं है। यह इमारत ऐतिहासिक प्रतीत होती है और हम नगरपालिका समिति के रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं।’

इमरान से की है अपील
ईटीपीबी सियालकोट क्षेत्र के ‘रेंट कलेक्टर’ राणा वहीद ने कहा, ‘हमारी टीम गुरु नानक महल बाटनवाला के संबंध में जांच कर रही हे। यह यह संपत्ति ईटीपीबी की है तो इसमें तोड़फोड करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इलाके के लोगों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश