1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर, योगी सरकार ने 68,236 राज्य कर्मचारियों का वेतन रोका, वजह भी जानिए

उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर, योगी सरकार ने 68,236 राज्य कर्मचारियों का वेतन रोका, वजह भी जानिए

 Reported By: Ruchi Kumar Edited By: Rituraj Tripathi
 Published : Feb 02, 2026 10:08 am IST,  Updated : Feb 02, 2026 10:23 am IST

यूपी में योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है और 68,236 राज्य कर्मचारियों का जनवरी 2026 का वेतन रोक दिया है। इस फैसले से राज्य कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है।

CM Yogi Adityanath- India TV Hindi
सीएम योगी Image Source : PTI/FILE

लखनऊ: यूपी से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। योगी सरकार ने 68,236 राज्य कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। इस फैसले से राज्य कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है। वेतन रोकने के पीछे की वजह भी सामने आई है।

क्या है वेतन रोकने के पीछे की वजह?

यूपी के 68,236 राज्यकर्मियों का जनवरी 2026 का वेतन रोक दिया गया है। वेतन रोकने की वजह ये है कि इन कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है। यूपी में 8,66,261 राज्य कर्मचारी हैं।

योगी सरकार ने सभी राज्य कर्मचारियों को 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा देने के आदेश दिए थे। कर्मचारियों को ये ब्यौरा मानव संविदा पोर्टल पर 31 जनवरी तक अपलोड करना था, लेकिन 68,236 कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया, जिसके बाद उनका वेतन रोक दिया गया।

संपत्ति ना बताने वाले सबसे ज्यादा 34,926 कर्मचारी तृतीय श्रेणी के हैं। इसमें 22,624 राज्यकर्मी चतुर्थ श्रेणी, 724 द्वितीय श्रेणी और 2628 प्रथम श्रेणी के कर्मचारी हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरी टॉलरेंस की नीति

गौरतलब है कि योगी सरकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरी टॉलरेंस की नीति अपनाने के लिए जाना जाता है। सीएम योगी खुद भी बहुत सादा जीवन जीते हैं और उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाईयां की हैं। इसमें बुलडोजर वाली कार्रवाई सबसे अहम है। इसीलिए उन्हें बुलडोजर बाबा भी कहा जाता है। 

योगी सरकार का संदेश साफ है कि जब तक राज्य कर्मचारी अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं देते, तब तक उनका वेतन रिलीज नहीं किया जाएगा। योगी सरकार के इस फैसले से राज्य कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है। 

जानकारों द्वारा कहा ये भी जा रहा है कि सरकार द्वारा वेतन रोकना अंतिम कार्रवाई नहीं है। अगर जल्द ही राज्य कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा सरकार को नहीं दिया तो उनके खिलाफ विभागात्मक कार्रवाई होगी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।