ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका और आसपास के इलाकों में शुक्रवार सुबह 10:38 बजे अचानक आए 5.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई। अब तक कम से कम छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ढाका से 13 किलोमीटर दूर था केंद्र
भूकंप का केंद्र ढाका से करीब 13 किमी पूर्व में नरसिंगदी जिले में सिर्फ 10 किमी की उथली गहराई पर था, जिसके कारण झटके बेहद तेज महसूस किए गए। सबसे ज्यादा नुकसान ढाका के पुराने इलाके में हुआ। अरमानीटोला में एक पांच मंजिला पुरानी इमारत की रेलिंग, बांस की मचान और मलबा अचानक गिरने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें एक मेडिकल छात्र और एक आठ साल का बच्चा शामिल है। मेडिकल छात्र अपनी मां के साथ मांस खरीदने गया था; उसकी मां गंभीर रूप से घायल हैं और उनकी सर्जरी चल रही है। नारायणगंज में एक नवजात शिशु मलबे की चपेट में आकर मारा गया, जब उसकी मां उसे गोद में लिए दीवार के पास से गुजर रही थी। नरसिंगदी में दो और लोगों की मौत हुई है।
भूकंप ने फैलाई दहशत
भूकंप के बाद दहशत का माहौल बन गया। पुराने ढाका के सुतरापुर में एक आठ मंजिला इमारत दूसरी इमारत पर झुक गई, जबकि कालाबागान में सात मंजिला इमारत खतरनाक तरीके से टेढ़ी हो गई। हालांकि अग्निशमन विभाग ने बताया कि ये इमारतें अभी ढहने की कगार पर नहीं हैं। बरिधारा के आलीशान इलाके में एक घर में भूकंप के तुरंत बाद आग लग गई। मुंशीगंज के गजारिया में भी एक आवासीय इमारत में आग लगी, जिसे दमकल ने बुझा लिया। बांग्लादेश मौसम विभाग के अनुसार यह भूकंप भारतीय प्लेट और बर्मा प्लेट के टकराव वाले क्षेत्र में आया। बीयूईटी के भूकंप विशेषज्ञ प्रो. मेहेदी अहमद अंसारी ने चेतावनी दी है कि देश में ज्यादातर इमारतें भूकंपरोधी नहीं हैं। 6 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आने पर बड़े पैमाने पर तबाही हो सकती है। उनका कहना है, “आज का भूकंप बांग्लादेश के लिए खतरे की घंटी है। ”(भाषा)