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क्वाड की बैठक पर भड़का चीन, कहा- चीन पर लगाम लगाने के लिए एक उपकरण की तरह है क्वाड

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 12, 2022 07:17 am IST,  Updated : Feb 12, 2022 07:21 am IST

चीन ने कहा है कि उसे आगे बढ़ने से रोकने के लिए क्वाड गठबंधन एक ‘‘उपकरण’’ की तरह है और यह टकराव को तेज करने के लिए जानबूझकर उठाया गया कदम है, जो सफल नहीं होगा। चीन का यह बयान ऐसे समय आया जब कल चीन में क्वाड को लेकर बैठक आयोजित हुई।

Quad Foreign Ministers in Melbourne- India TV Hindi
Quad Foreign Ministers in Melbourne   Image Source : ANI

Highlights

  • क्वाड में भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान शामिल हैं
  • चीन का हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कई देशों के साथ क्षेत्रीय विवाद है
  • चीन ने कहा- उसे रोकने के उद्देश्य से गठबंधन बनाने का कोई भी प्रयास सफल नहीं होगा

बीजिंग। चीन ने कहा है कि उसे आगे बढ़ने से रोकने के लिए क्वाड गठबंधन एक ‘‘उपकरण’’ की तरह है और यह टकराव को तेज करने के लिए जानबूझकर उठाया गया कदम है, जो सफल नहीं होगा। चीन का यह बयान ऐसे समय आया जब कल चीन में क्वाड को लेकर बैठक आयोजित हुई। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भी ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इसके साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री और अमेरिका व जापान के विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी कीं। जयशंकर विदेश मंत्री के तौर पर पहली बार ऑस्ट्रेलिया गए।

चार देशों का समूह है क्वाड

दरअसल, क्वाड में भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान शामिल हैं। चीन का सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कई देशों के साथ क्षेत्रीय विवाद है और वह क्वाड गठबंधन का इसके गठन के समय से ही विरोध करता रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘चीन का मानना ​​है कि अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया द्वारा मिलकर बनाया गया तथाकथित क्वाड समूह चीन को घेरने और अमेरिकी आधिपत्य बनाए रखने के लिए एक उपकरण है।’’

‘चीन को भड़काने के लिए अमेरिका का उठाया गया कदम है क्वाड’
क्वाड विदेश मंत्रियों के ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में वार्ता शुरू करने संबंधी एक सवाल का जवाब देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘चीन का मानना ​​है कि क्वाड तंत्र केवल उसे नियंत्रित करने का एक उपकरण है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह टकराव को भड़काने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता और सहयोग को कमजोर करने के लिए जानबूझकर उठाया गया कदम है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि शीत युद्ध लंबा खिंच गया है और चीन को रोकने के उद्देश्य से गठबंधन बनाने का कोई भी प्रयास सफल नहीं होगा।’’ अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के उस बयान के बारे में पूछे जाने पर जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन क्षेत्र में अधिक आक्रामक तरीके से काम कर रहा है, झाओ ने कहा, ‘‘अमेरिकी राजनेता द्वारा की गई टिप्पणी कुछ और नहीं बल्कि राजनीतिक झूठ की पुनरावृत्ति है।’’ 

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के पहले, झाओ ने बुधवार को कहा था कि चीन विशेष गुट बनाने और टकराव को उकसाने संबंधी किसी भी कदम को खारिज करता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि अमेरिका और अन्य संबंधित देश समय के रुख को समझेंगे, उचित मानसिकता रखेंगे और शीत युद्ध की मानसिकता को त्याग देंगे।’’ 

दक्षिण चीन सागर में चीन पर लगाम के लिए क्वाड अहम
यूक्रेन को लेकर रूस और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) देशों के बीच बढ़ते तनाव, अफगानिस्तान संकट और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे को लेकर चिंताओं के बीच क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों ने शुक्रवार को मेलबर्न में व्यापक बातचीत की। चीन लगभग सभी विवादित दक्षिण चीन सागर क्षेत्र पर अपना दावा करता है। हालांकि ताइवान, फिलीपींस, ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम भी इसके कुछ हिस्सों पर दावा करते हैं। विदेश मंत्री एस.जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, जापानी विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मारिस पायने ने मेलबर्न में वार्ता से पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से संयुक्त रूप से मुलाकात की।

 

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