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BIMSTEC में हिस्सा लेने के बाद बैंकॉक से श्रीलंका रवाना हुए पीएम मोदी, इन कार्यक्रमों में लेंगे भाग

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Apr 04, 2025 05:51 pm IST,  Updated : Apr 04, 2025 06:05 pm IST

पीएम मोदी थाईलैंड के बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद अब श्रीलंका रवाना हो गए हैं। वहां वह दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।

प्रतीकात्मक फोटो। - India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो। Image Source : PTI

बैंकॉक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद अब श्रीलंका के लिए रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने थाईलैंड में छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान भारत और थाईलैंड के बीच कई अहम समझौते भी हुए। इसके साथ ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। बांग्लादेश के कार्यवाहक मोहम्मद यूनुस ने पीएम मोदी के साथ बैठक की। पीएम मोदी ने इस दौरान बांग्लादेश को अनावश्यक बयान से बचने का सुझाव दिया, जो दोनों देशों के संबंधों में तनाव का कारण बनते हैं। 

अब पीएम मोदी श्रीलंका रवाना हो गए हैं, जहां वह राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। मोदी-दिसानायके वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच श्रीलंका के ऋण पुनर्गठन समेत कई अन्य द्विपक्षीय समझौते होने की भी संभावना है। पिछले सप्ताह संवाददाता सम्मेलन में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा था कि रक्षा सहयोग को लेकर एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है और इस पर पहली बार हस्ताक्षर किए जाएंगे।

भारत-श्रीलंका के द्विपक्षीय संबंध होंगे और मजबूत

पीएम मोदी की इस यात्रा से भारत-श्रीलंका के संबंधों में और अधिक मजबूती आने की उम्मीद है। यदि रक्षा सहयोग से संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो यह भारत-श्रीलंका रक्षा संबंधों में एक बड़ी प्रगति का संकेत होगा। इस समझौते के बाद लगभग 35 वर्ष पहले भारत द्वारा श्रीलंका से भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) को वापस बुलाए जाने से संबंधित कटु अध्याय पीछे छूट जाएगा। प्रस्तावित रक्षा समझौते का विस्तृत ब्यौरा तत्काल उपलब्ध नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती उपस्थिति की पृष्ठभूमि में इससे द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में बढ़ोतरी होगी।

हंबनटोटा बंदरगाह पर बात

अगस्त 2022 में हंबनटोटा बंदरगाह पर चीनी मिसाइल और सैटेलाइट ट्रैकिंग जहाज 'युआन वांग' के लंगर डालने की घटना ने भारत और श्रीलंका के बीच कूटनीतिक विवाद को जन्म दिया है। अगस्त 2023 में कोलंबो बंदरगाह पर एक और चीनी युद्धपोत ने लंगर डाला था। समग्र संबंधों के बारे में मिस्री ने कहा, "श्रीलंका हमारी 'पड़ोसी पहले' नीति का अभिन्न अंग है और आपसी विश्वास और सद्भावना पर आधारित हमारे संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं।" उन्होंने कहा कि मोदी की यात्रा निवेश को बढ़ावा देने और संपर्क को मजबूत करने और विभिन्न अन्य क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी। (भाषा)

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