1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. क्या है EAEU...जिस पर जल्द हस्ताक्षर चाहते हैं पुतिन, भारत को होगा बड़ा फायदा; अमेरिका को लगेगा आघात

क्या है EAEU...जिस पर जल्द हस्ताक्षर चाहते हैं पुतिन, भारत को होगा बड़ा फायदा; अमेरिका को लगेगा आघात

 Published : Dec 05, 2025 09:10 pm IST,  Updated : Dec 05, 2025 09:10 pm IST

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका के टैरिफ से निपटने के लिए भारत को एक और हथियार दे दिया है। पुतिन भारत और ईएईयू के बीच जल्द ही एक समझौते पर हस्ताक्षर चाहते हैं, जो ट्रंप के टैरिफ को बड़ा झटका दे सकता है।

व्लादिमिर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति। - India TV Hindi
व्लादिमिर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति। Image Source : PTI

नई दिल्लीः रूस के राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा अमेरिका को एक और बड़ा झटका देने वाली है। ट्रंप के टैरिफ के असर को कम करने के लिए पुतिन भारत और यूरेशियाई आर्थिक संघ(ईएईयू) के बीच एक अहम समझौता करवाने वाले हैं। भारत ईएईयू के साथ इस बाबत पहले दौर की वार्ता एक हफ्ते पहले कर चुका है। अब पुतिन चाहते हैं कि इस समझौते पर जल्द से जल्द हस्ताक्षर हो। यह समझौता होने के बाद भारत के व्यापार को और अधिक रफ्तार मिल जाएगी। इससे अमेरिकी टैरिफ को दूसरा सबसे बड़ा झटका लग सकता है। पीएम मोदी और पुतिन की इस रणनीति से अमेरिका की नींद उड़ी हुई है। 

क्या है ईएईयू

ईएईयू यूरेशियाई देशों का आर्थिक संघ है। इसे यूरेशियाई आर्थिक संघ कहते हैं। भारत ईएईयू के साथ जल्द ही तरजीही व्यापार समझौता करने वाला है। इस समझौते के तहत वस्तुओं, सेवाओं और पूंजी के प्रवाह में आने वाली बाधाएं दूर हो जाएंगी। यह समझौता जहां भारत को आर्थिक रफ्तार देगा, वहीं ट्रंप इससे ट्रंप के टैरिफ की हवा निकल जाएगी। ईएईयू में रूस, आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान जैसे यूरेशियाई देश शामिल हैं। भारत ने बीते 20 अगस्त को ईएईयू के इन पांचों देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते के लिए नियमों और शर्तों को अंतिम रूप दिया था। 

भारत और रूस के बीच 70 अरब डॉलर का व्यापार

भारत और रूस के बीच फिलहाल 70 अरब डॉलर का व्यापार है, जो 2030 से पहले 100 अरब डॉलर को पार करने वाला है। इसके लिए भारत और रूस के कारोबारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। पुतिन ने भारत और ईएईयू के बीच होने वाले इस समझौते पर जल्द हस्ताक्षर की उम्मीद जताई है। इससे वस्तुओं, सेवाओं और पूंजी प्रवाह के क्षेत्र में आने वाली बाधाएं कम हो जाएंगी। 

पुतिन ने कहा कि सिर्फ ऊर्जा मुद्दों पर बात करने नहीं आए

रूस के राष्ट्रपति पुतिन भी भारत और ईएईयू के बीच होने वाले इस समझौते को लेकर बहुत उत्साहित हैं। इस समझौते को अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ बड़ी काट के तौर पर देखा जा रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि हम भारत में सिर्फ ऊर्जा समझौता करने नहीं आए हैं, बल्कि तेल और गैस आपूर्ति के अनुबंधों पर हस्ताक्षर होना भी मकसद है। पुतिन ने कहा कि रूसी कंपनियां भारत से उत्पादों की खरीद-फरोख्त को कई गुना बढ़ाने वाली हैं। उन्होंने आगे कहा कि मजबूत द्विपक्षीय निपटारे और विश्वासपरक भुगतान व बीमा व्यवस्था के बिना मुक्त व्यापार समझौते के बारे में सोचना भी असंभव है। 

सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं भारत-रूस का रिश्ता

पुतिन ने कहा कि भारत का रिश्ता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। हम अपने देशों के बीच औद्योगिक सहयोग भी बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम कृत्रिम मेधा (एआई) में भी भारत का सहयोग करेंगे। क्योंकि इस क्षेत्र में रूस ने पहले ही काफी उन्नति हासिल कर ली है। (इनपुट-भाषा)

यह भी पढ़ें
 

भारतीय सेना को फौलाद बनाएगा रूस, पुतिन ने कहा-दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी हासिल करेगी नया मुकाम

भारत और रूस ने निकाला ट्रंप के टैरिफ से निपटने का "ब्रह्मास्त्र", अब 5 साल तक पछताएगा अमेरिका

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश