Thursday, January 29, 2026
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इजरायल के PM नेतन्याहू अपने मोबाइल फोन के कैमरे को स्टीकर से क्यों रखते हैं ब्लॉक, सामने आई तस्वीर तो गहराया रहस्य

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह अपने मोबाइल फोन के कैमरे पर स्टीकर लगाकर किसी से बात कर रहे हैं।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Jan 29, 2026 04:34 pm IST, Updated : Jan 29, 2026 04:34 pm IST
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मोबाइल कैमरे पर लगा स्टीकर। - India TV Hindi
Image Source : X@MARIONAWFAL इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मोबाइल कैमरे पर लगा स्टीकर।

तेल-अवीवः इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह अपने मोबाइल फोन के कैमरे पर कई स्टीकर लगाए दिख रहे हैं। स्टीकर के जरिये मोबाइल फोन के कैमरे को ब्लॉक रखा गया है। यह देखकर रहस्य गहरा गया है कि नेतन्याहू द्वारा ऐसा कदम उठाए जाने की वजह क्या है। इसकी पड़ताल करने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इस तस्वीर को कई लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है।

नेतन्याहू का मोबाइल कैमरा क्यों रहता है ब्लॉक

दावा किया गया है कि इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपने फोन के कैमरे पर लाल टेप (या स्टिकर) लगाते हैं। कहा जा रहा है कि यह एक सुरक्षा उपाय है, न कि किसी हैकिंग का सीधा सबूत। रिपोर्ट्स के अनुसार यह टेम्पर-एविडेंट सील या स्टिकर है, जो संवेदनशील क्षेत्रों में इस्तेमाल होता है। इसका मकसद फोन के कैमरे को फिजिकली ब्लॉक करना है। ताकि अगर कोई स्पाइवेयर (जैसे Pegasus जैसा) डिवाइस को हैक कर ले, तो भी कैमरा से वीडियो या फोटो रिमोटली रिकॉर्ड न हो सके। इज़राइली मीडिया (जैसे Maariv, Ynet) और विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि यह डिजिटल जासूसी, साइबर हमलों और रिमोट एक्टिवेशन से बचाव के लिए एक सामान्य प्रोटोकॉल है। 

हाई-प्रोफाइल नेताओं का सुरक्षा प्रोटोकॉल

कई दावे में कहा गया है कि नेतन्याहू जैसे हाई-प्रोफाइल नेता, जिनके फोन पर हमेशा खतरा रहता है। वह इस तरह की लो-टेक सुरक्षा अपनाते हैं। यह प्रथा दुनिया भर में इंटेलिजेंस अधिकारियों, सैन्य अधिकारियों और यहां तक कि मार्क ज़करबर्ग जैसे टेक लीडर्स में आम है। लिहाजा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपनी काली जैकेट में कार के पास खड़े होकर फोन को कान पर लगाए किसी महत्वपूर्ण बातचीत में डूबे हैं। इस दौरान उनकी आंखें फोन के पीछे लगे मोटे लाल टेप पर भी टिकी थीं। उनके मोबाइल का कैमरा पूरी तरह ढका हुआ था, जैसे कोई राज़ छिपा हो। बाद में सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल हो गई। 

क्या नेतन्याहू को है किसी से बड़ा खतरा

नेतन्याहू जानते हैं कि डिजिटल दुनिया में दुश्मन अदृश्य होते हैं। Pegasus जैसे स्पाइवेयर ने पहले ही कई इज़रायली अधिकारियों के फोन को जासूस बना दिया था। कैमरा बंद दिखता था, लेकिन रिमोटली चालू होकर गोपनीय मीटिंग्स, दस्तावेज़, चेहरे रिकॉर्ड कर सकता था। शिन बेट और मोसाद की सुरक्षा के बावजूद, वे जोखिम नहीं ले सकते थे। यह लाल टेप कोई साधारण टेप नहीं था। यह टेम्पर-एविडेंट सील था। यानी एक विशेष स्टिकर जो प्रधानमंत्री कार्यालय में हर फोन पर लगाया जाता था। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश करते ही कैमरे ढक दिए जाते थे। यह पुरानी तकनीक थी, लेकिन सबसे प्रभावी। 

कैमरा ब्लॉक हो तो कुछ नहीं कर सकता हैकर्स

विशेषज्ञ कहते हैं कि हैकर्स कितने भी चालाक हों, अगर मोबाइल का लेंस ब्लॉक हो, तो वे कुछ नहीं देख पाते। नेतन्याहू ने बातचीत के बाद अपना फोन नीचे रखा। उन्होंने सोचा यह टेप सिर्फ उनका राज़ नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चेतावनी थी। हर स्मार्टफोन अब एक संभावित जासूस है। डिजिटल युग में गोपनीयता अब कोई हक नहीं, बल्कि संघर्ष है। ऐसे में संवेदनशील जगहों पर रहने या काम करने वाले लोगों को अपने कैमरे पर एक टेप लगाना कितना आसान है, और कितना ज़रूरी है, उसे नेतन्याहू से सीखा जा सकता है।

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