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यमन के विद्रोहियों ने कहा, जेल पर सऊदी गठबंधन के हवाई हमले में अब तक 80 लोगों की मौत

बता दें कि जंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार एवं सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा सहायता प्राप्त सरकार और ईरान समर्थित विद्रोहियों के बीच है।

IndiaTV Hindi Desk Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published on: January 22, 2022 16:29 IST
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Image Source : AP REPRESENTATIONAL हूती विद्रोहियों द्वारा संचालित एक जेल पर सऊदी अरब नीत सैन्य गठबंधन के हमले में मरने वालों की संख्या 80 हो गई है।

Highlights

  • ‘डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ धर्मार्थ संस्था ने कहा कि हवाई हमले में लगभग 200 लोग घायल हुए हैं।
  • विद्रोहियों ने कहा कि मलबे में अभी भी जीवित बचे लोगों और शवों की तलाश की जा रही है।
  • शुक्रवार को हुए हवाई हमले से साफ हो गया कि यमन में वर्षों से जारी गृह युद्ध में अभी और खून बहेगा।

काहिरा: यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा संचालित एक जेल पर सऊदी अरब नीत सैन्य गठबंधन के हवाई हमले में मरने वालों की संख्या कम से कम 80 हो गई है। विद्रोहियों ने शनिवार को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मलबे में अभी भी जीवित बचे लोगों और शवों की तलाश की जा रही है। बता दें कि शुक्रवार को हुआ हवाई हमला एक बड़े हवाई और जमीनी हमले का हिस्सा था जिससे साफ हो गया कि यमन में वर्षों से जारी गृह युद्ध में अभी और खून बहेगा।

‘हवाई हमले में लगभग 200 लोग घायल हुए हैं’

बता दें कि जंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार एवं सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा सहायता प्राप्त सरकार और ईरान समर्थित विद्रोहियों के बीच है। हूती विद्रोहियों के मीडिया कार्यालय ने मृतक संख्या की जानकारी देते हुए कहा कि बचाव दल अब भी सऊदी अरब के साथ सीमा पर यमन के उत्तरी प्रांत सादा में जेल स्थल के मलबे में जीवित बचे लोगों और शवों की तलाश कर रहे हैं। ‘डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ धर्मार्थ संस्था ने कहा कि हवाई हमले में लगभग 200 लोग घायल हुए हैं।

अधिकार समूहों ने गठबंधन की फिर से आलोचना की
युद्ध के सबसे घातक हमलों में से एक के बाद संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय सहायता एवं अधिकार समूहों ने गठबंधन की फिर से आलोचना की। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तुर्क अल-मल्की ने आरोप लगाया कि हूती विद्रोहियों ने इस जगह को संयुक्त राष्ट्र या रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति के समक्ष हवाई हमलों से सुरक्षा की जरूरत वाली जगह के तौर पर चिन्हित करते हुए इसकी सूचना नहीं दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा करने में हूतियों की विफलता संघर्ष में मिलिशिया के ‘सामान्य भ्रामक दृष्टिकोण’ का प्रतिनिधित्व करती है।

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