Russia-Ukraine War: राष्ट्रपति पुतिन ने किया दावा, पश्चिमी देशों ने तोड़ी पाइपलाइन

Russia-Ukraine War: रूस की विदेश खुफिया सेवा (एसवीआर) के निदेशक सर्गेई नारिश्किन ने कहा है कि नॉर्ड स्ट्रीम अंडरसी पाइपलाइनों को तबाह करने के पीछे 'पश्चिम देशों' का हाथ हो सकता है

Ravi Prashant Edited By: Ravi Prashant @iamraviprashant
Updated on: September 30, 2022 23:50 IST
Russia-Ukraine War- India TV Hindi
Image Source : AP Russia-Ukraine War

Highlights

  • ओवरलैंड पाइपलाइन का उपयोग करना होगा
  • सबसे बड़ा फायदा अमेरिका को हुआ है
  • पश्चिमी देश अपराधियों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं

Russia-Ukraine War: रूस की विदेश खुफिया सेवा (एसवीआर) के निदेशक सर्गेई नारिश्किन ने कहा है कि नॉर्ड स्ट्रीम अंडरसी पाइपलाइनों को तबाह करने के पीछे 'पश्चिम देशों' का हाथ हो सकता है, ऐसा आरोप हम इसलिए लगा रहे हैं क्योंकि कुछ साक्ष्य हैं, जो यह साबित करने में सक्षम हैं। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट्स में दी गई हैं। नारीश्किन ने शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया, "हमारे पास पहले से ही कुछ साक्ष्य हैं, जो इस आतंकवादी हमले को आयोजित करने और उसे अंजाम देने में पश्चिमी देशों के हाथ होने की ओर इशारा करती हैं।"

कौन है मास्टरमाइंड?

रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने यह बताने के बाद टिप्पणी की है कि पश्चिमी देश अपराधियों और मास्टरमाइंडों को बचाने के लिए इस घटना को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, "कई पश्चिमी देशों ने इस आतंकवादी कृत्य के घटित होने के एक दिन बाद ही इसे अंजाम देने वालों की तलाश शुरू कर दी है। मेरा मानना है कि घटना को अंजाम देने वालों को छिपाने के लिए पश्चिम देश ऐसा कुछ कर रहा है।

"इस सप्ताह रूस और जर्मनी के बीच पानी के भीतर गैस मार्ग में रिसाव का पता चला। स्वीडन में भूकंप विज्ञानियों ने उस क्षेत्र में विस्फोटों का पता लगाया, जहां पाइपों से निकलने वाली प्राकृतिक गैस को बाद में हवाई गश्ती दल द्वारा खोजा गया था। पश्चिमी और रूसी अधिकारियों का मानना है कि यह तोड़फोड़ के कारण हुआ है।

क्या अमेरिका को हुआ फायदा?
रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव निकोले पेत्रुशेव ने शुक्रवार को कहा कि इस व्यवधान का सबसे बड़ा फायदा अमेरिका को हुआ है। उन्होंने 1980 के दशक में अमेरिकी तोड़फोड़ अभियानों के ऐतिहासिक उदाहरण के रूप में निकारागुआ के तेल बुनियादी ढांचे पर सीआईए समर्थित हमले की ओर इशारा किया। पश्चिमी मीडिया में अटकलें लगाई जा रही हैं कि मॉस्को ने पाइपलाइनों पर हमला किया है।

इसके पीछे अमेरिका का हाथ
यूरोपीय संघ पर दबाव बनाने के लिए रूस ने ऐसा किया होगा क्योंकि यह देश सर्दियों से पहले उच्च ऊर्जा की कीमतों का सामना करता है। पोलिश एमईपी और पूर्व विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने ट्विटर पर धन्यवाद देकर इस घटना के पीछे अमेरिका का हाथ बताया। उन्होंने इस घटना का जश्न मनाते हुए कहा कि रूस को पोलैंड के माध्यम से जाने वाली एक ओवरलैंड पाइपलाइन का उपयोग करना होगा, अगर वह पश्चिमी यूरोप में ग्राहकों के साथ अपने गैस अनुबंधों को वितरित करना चाहता है।

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