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रूस ने यूक्रेन के इन 4 क्षेत्रों को अपना बनाया, 2014 में भी अपनाया था यही तरीका, आखिर कौन सी स्टैटेजी इस्तेमाल कर रहे पुतिन?

 Edited By: Shilpa
 Published : Oct 02, 2022 07:52 am IST,  Updated : Oct 02, 2022 02:26 pm IST

Russia Ukraine War: पुतिन ने कहा, “हम कीव के सत्ताधारियों से शत्रुता को तुरंत समाप्त करने, उस युद्ध को समाप्त करने का आह्वान करते हैं, जिसे उन्होंने 2014 में वापस शुरू किया था। हम उनसे बातचीत दोबारा शुरू करने की अपील करते हैं। हम इसके लिए तैयार हैं।”

Russian President Vladimir Putin- India TV Hindi
Russian President Vladimir Putin Image Source : INDIA TV

Highlights

  • पुतिन ने यूक्रेन के 4 क्षेत्रों पर किया कब्जा
  • 2014 में क्रीमिया क्षेत्र को अपना बनाया
  • पहले वाली रणनीति पर काम कर रहे पुतिन

Russia Ukraine War: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों को औपचारिक रूप से रूसी संघ में शामिल करने के लिए एक संधि पर हस्ताक्षर किए हैं। यूक्रेन के कब्जे वाले हिस्सों के विलय की घोषणा के लिए मॉस्को के भव्य सेंट जॉर्ज हॉल में क्रेमलिन द्वारा आयोजित समारोह में पुतिन ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों को रूस में शामिल करना “लाखों लोगों की पंसद है“ जिनका रूसी संघ के साथ साझा इतिहास रहा है। दोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया को रूस में शामिल करने की घोषणा की गई है।

पुतिन ने कहा, “हम कीव के सत्ताधारियों से शत्रुता को तुरंत समाप्त करने, उस युद्ध को समाप्त करने का आह्वान करते हैं, जिसे उन्होंने 2014 में वापस शुरू किया था। हम उनसे बातचीत दोबारा शुरू करने की अपील करते हैं। हम इसके लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा, 'लेकिन हम दोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया में लोगों की पसंद पर चर्चा नहीं करेंगे। रूस उनके साथ विश्वासघात नहीं करेगा।' रूसी राष्ट्रपति ने जो स्पष्ट नहीं किया, वह यह है कि ये नवनिर्मित तथाकथित रूसी क्षेत्र वास्तव में किसका प्रतिनिधित्व करते हैं।

हमले से पहले ही गणराज्य घोषित किया

गौरतलब है कि यूक्रेन पर फरवरी में हमला शुरू करने से एक दिन पहले पुतिन ने डोनबास क्षेत्र के दोनेत्स्क और लुहांस्क को गणराज्य घोषित कर दिया था। मौजूदा समय में यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र के स्थल जापोरिज्जिया के आसपास समेत सभी चार क्षेत्रों में भयंकर लड़ाई जारी है। एक अनुमान के मुताबिक 40 हजार वर्ग मील में फैले यह चारों प्रांत यूक्रेन के कुल क्षेत्रफल का करीब 15 प्रतिशत हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी सैनिकों ने जापोरिज्जिया में आम लोगों के एक काफिले को निशाना बनाकर हमला किया, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई है। रूस ने इसके लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है।

दोनेत्स्क क्षेत्र के प्रमुख शहर लाइमन के आसपास भी भारी लड़ाई चल रही है, जहां यूक्रेनी सेना द्वारा बड़ी संख्या में रूसी सैनिकों को घेरने की सूचना है। पुतिन ने कहा कि चारों प्रांतों के नागरिक 'हमेशा के लिए' रूस का हिस्सा रहेंगे। उनके मुताबिक पश्चिमी देशों की रूस को “उपनिवेश” और “गुलामों की भीड़” में बदलने की योजना है। पुतिन ने कहा कि रूस हर संभव तरीकों का इस्तेमाल कर इन प्रांतों की रक्षा करेगा। पुतिन के इस बयान को परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने की धमकी के रूप में देखा जा रहा है।

पहले से अपनाई गई रणनीति

रूस ने 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया प्रायद्वीप के विलय की प्रक्रिया को दोहराते हुए ही इन चारों प्रांतों का विलय किया है। सबसे पहले, अपने सशस्त्र समर्थकों को 'जनमत संग्रह' की प्रक्रिया की निगरानी करने दें। परिस्थितियों को देखते हुए, इस तरह के आयोजन को स्वतंत्र या निष्पक्ष नहीं माना जा सकता है। दूसरा, अपने अयोग्य और पक्षपातपूर्ण सहयोगियों को इस प्रक्रिया को स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रक्रिया के रूप में मान्यता देने दें। तीसरा, क्षेत्रों को शामिल करने के लिए अपने संदेहास्पद रूप से बड़े लोकतांत्रिक जनादेश को प्रचारित करें, अवैधता की अंतरराष्ट्रीय आपत्तियों को खारिज करें और विलय के साथ आगे बढ़ें।

पुतिन शासन का अपने कार्यों को सही ठहराने के लिए 'कानून' का उपयोग करने का एक लंबा इतिहास रहा है। जैसा कि रूस और उसकी राजनीति के बारे में 24 किताबें लिखने वाले मार्क गेलोटी ने हाल ही में स्पेक्टेटर में लिखा है, पुतिन 'एक ऐसे व्यक्ति हैं, जो आपके घर को जला देंगे, लेकिन पहले ऐसा करने के लिए खुद को इसकी स्वीकृति जारी करेंगे'।

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