नई दिल्ली: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को दोहराया कि आतंकवादी संगठनों के समर्थन बुनियादी ढांचे को तोड़ना महत्वपूर्ण है। स्वराज ने कहा कि वित्त सहायता और प्रौद्योगिकी तक उनकी पहुंच उन्हें हमले करने में सक्षम बनाती है। स्वराज की यह टिप्पणी 9वीं आईबीएसए (भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका) में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73 वें सत्र के दौरान गुरुवार को त्रिपक्षीय मंत्रिस्तरीय आयोग की बैठक में आई, जहां भारत ने संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद तंत्र के आतंकवादियों की सूची को कुशल बनाने के लिए बुलाया था।
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सुषमा ने कहा कि आतंकवाद और उनके लिए वित्तीय प्रवाह, विकास और समृद्धि को कमजोर करते हैं। आतंकवादी संगठन अत्याधुनिक और अवैध स्रोतों के माध्यम से वित्त पोषित परिष्कृत उपकरण, हथियारों और गोला बारूद का उपयोग करते हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि धन, सूचना, हथियारों और प्रौद्योगिकी तक पहुंच से उन्हें हमले करने में मदद मिलती है। इसलिए उनकी मदद के इस ढांचे को खत्म करना होगा।
स्वराज ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ व्यापक सम्मेलन (सीसीआईटी) पर भारत का प्रस्ताव आतंकवाद के संकट से निपटने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आतंकवादियों और उनके संगठनों को सूचीबद्ध करने में संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद तंत्र को कुशल बनाया जाना चाहिए। सभी न्यायक्षेत्रों में एफएटीएफ (वित्तीय कार्य टास्क फोर्स) आतंकवाद को रोकने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों को मजबूत करेगा।