Greenland Annexation and Statehood Act: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सांसद रैंडी फाइन ने 'ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट' बिल संसद में पेश कर दिया है। इस बिल का मकसद ट्रंप सरकार को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने और अमेरिकी राज्य का दर्जा देने के लिए कानूनी अधिकार देना है। ट्रंप की पार्टी के सांसद ने कहा कि आर्कटिक में चीनी और रूसी प्रभाव का मुकाबला करने के लिए यह बिल महत्वपूर्ण है। अगर बिल संसद में पास हो जाता है तो ट्रंप को ग्रीनलैंड पर एक्शन लेने की पूरी छूट मिल जाएगी।
'चीनी और रूसी प्रभाव का मुकाबला कर सकेंगे ट्रंप'
फाइन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "बहुत बड़ी खबर! आज, मुझे ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट पेश करते हुए गर्व हो रहा है, यह एक ऐसा बिल है जो राष्ट्रपति को ग्रीनलैंड को यूनियन में लाने के लिए जरूरी तरीके खोजने की अनुमति देता है।" उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के दुश्मन आर्कटिक में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं, और हम ऐसा नहीं होने दे सकते। उन्होंने दावा किया कि ये कदम आर्कटिक में चीनी और रूसी प्रभाव का मुकाबला करने के लिए बहुत जरूरी हैं।
'अमेरिकी दबदबा फिर से कायम करने की जरूरत'
रिपब्लिकन कांग्रेसी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने यह साफ कर दिया है कि वॉशिंगटन को ग्रीनलैंड को हासिल करके अमेरिकी दबदबा फिर से कायम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "मेरा बिल इस विजन को हकीकत में बदलता है और ग्रीनलैंड को एक आधिकारिक राज्य बनाकर अगले 100 सालों के लिए अमेरिका को ऊपरी हाथ देगा। चीन और रूस को यह चेतावनी दी जानी चाहिए कि आर्कटिक क्षेत्र में हमारी संप्रभुता में दखल देने के दिन खत्म हो गए हैं।"
ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहता है अमेरिका
बिल अगर कानून बनता है तो यह अमेरिका को ग्रीनलैंड पर बातचीत करने या उसे हासिल करने के लिए "जो भी जरूरी कदम उठाने" होंगे, उसके लिए मजबूती प्रदान करेगा। इससे पहले, व्हाइट हाउस ने कहा था कि ट्रंप का मानना है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड को हासिल कर लेना चाहिए ताकि वह दुश्मन ताकतों के प्रभाव में ना आए।
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