पटना: बिहार की सियासत और नीतीश कुमार सरकार के लिए आज सोमवार का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। आज तय हो जाएगा कि नीतीश कुमार की सरकार बची रहेगी या फिर कोई खेला होगा। राज्य का सियासी पारा थर्मामीटर तोड़ चुका है। किसी को नहीं मालूम है कि कौन सा विधायक किसके साथ है।
एकतरफ एनडीए के नेता कह रहे हैं कि उनके पास बहुमत का आंकड़ा है और आज विधानसभा में महागठबंधन के अरमान और सरकार बनाने के सपने मिटटी में मिल जाएंगे। वहीं महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि अभी खेला होना बकाया है। यही बात बीते 28 जनवरी को तेजस्वी यादव ने कही थी, जब नीतीश कुमार एनडीए के साथ चले गए थे। आरजेडी को उम्मीद है कि बीजेपी और जेडीयू के कुछ विधायक इस खेल में उनके साथ आएंगे।
इसके साथ ही नीतीश की कुर्सी का एक मजबूत पैर हिंदुस्तान आवाम मोर्चा भी कुछ डगमगाता हुआ नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि रविवार रात लगभग 10 बजे के बाद से जीतनराम मांझी के फ़ोन के नेटवर्क गायब हैं। कोई भी उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा है। जीतन के आउट ऑफ़ नेटवर्क जाते ही नीतीश और बीजेपी की चिंता और भी बढ़ गई है। जीतन की पार्टी हम के विधानसभा में चार विधायक हैं, जोकि सरकार के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण हैं।
जानकारी के अनुसार, जीतन राम मांझी के आउट ऑफ़ नेटवर्क होते ही बीजेपी नेता नित्यानंद राय उनसे मिलने उनके आवास पहुंचे, लेकिन मुलाकात हुई या नहीं इसकी जानकारी बाहर नहीं आई। जीतन मांझी के अलावा जेडीयू के कम से कम चार विधायक के भी फ़ोन स्विच ऑफ आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, जेडीयू की बीमा भारती, सुदर्शन, दिलीप राय और रिंकू सिंह से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
वहीं इसी बीच बीजेपी के सभी विधायकों को रविवार रात को पटना के होटल पाटलिपुत्र एग्जॉटिका में शिफ्ट किया गया था। इसके साथ ही जेडीयू ने अपने विधायकों को चाणक्य होटल में रुकाया। वहीं आरजेडी और लेफ्ट के तमाम विधायक तेजस्वी यादव के आवास पर ठहरे हुए हैं। यह सभी आज तेजस्वी के आवास से सीधे विधानसभा जाएंगे। इसके अलावा कांग्रेस ने भी अपने सभी विधायकों को हैदराबाद से वापस पटना बुला लिया और उन्हें भी एक होटल में ठहराया है। वहीं बीजेपी और जेडीयू के विधायक भी सीधे विधानसभा पहुंचेंगे।
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