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GST का पारित होना अब कुछ ही दिनों की बात है: अरुण जेटली

 Written By: PTI
 Published : Sep 09, 2015 12:39 pm IST,  Updated : Sep 09, 2015 05:10 pm IST

नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि सरकार अगले चार साल में कार्पोरेट कर घटाकर 25 प्रतिशत करने की पहल के अंग के तौर पर कुछ दिनों में उन कर-छूटों की सूची

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अरुण जेटली ने कहा GST जल्द ही पारित होगा

नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि सरकार अगले चार साल में कार्पोरेट कर घटाकर 25 प्रतिशत करने की पहल के अंग के तौर पर कुछ दिनों में उन कर-छूटों की सूची लेकर आएगी जिन्हें खत्म किया जाना है। मंत्री ने यह भी कहा कि विनिर्माताओं द्वारा की जा रही डंपिंग से घरेलू इस्पात क्षेत्र को सुरक्षा प्रदान करने की पहलों की पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर से जुड़ी हर मांग को कर आतंकवाद करार नहीं दिया जा सकता और सरकार भारत या विदेश में काले धन के मुद्दे पर नरम नहीं पड़ेगी।

आम बजट में कार्पोरेट कर घटाने की घोषणा के संबंध में जेटली ने कहा अगले कुछ दिनों में हम ऐसी कर छूटों की सूची लेकर आएंगे जिन्हें हम पहले खत्म करना चाहते हैं। आगामी चार साल में कार्पोरेट कर में पांच प्रतिशत की कटौती होगी और बहुत सी छूटें खत्म होंगी। ब्रिटेन की इकॉनामिस्ट पत्रिका द्वारा आयोजित इंडिया समिट 2015 में जेटली ने कहा इस तरह हम कराधान प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाएंगे और केवल कई तरह की छूटें खत्म कर कराधान आकलन और रिटर्न को का आसान बनाएंगे।

वित्त मंत्री ने 2015-16 के आम बजट में घोषणा की थी कि सरकार अगले चार साल में कार्पोरेट कर 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने की घोषणा करेगी ताकि दरें प्रतिस्पर्धी देशों के अनुरूप हों। इस्पात के विभिन्न खंडों में आयात में बढ़ोतरी के मद्देनजर रक्षोपाय महानिदेशालय (DGS) ने चीन, कोरिया, जापान और रूस से इस्पात के आयात पर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जेटली ने कहा कि सरकार इस्पात की खपत करने वाले उद्योग और घरेलू उत्पादों के हितों के बीच संतुलन कर रही है और इस क्षेत्र की मौजूदा समस्या वाह्य कारकों के कारण है।

उन्होंने कहा यह वाह्य मुद्दा है। हमने अपना शुल्क (इस्पात आयात पर) दो बार आंशिक तौर पर बढ़ाया है। हम अन्य पहलों पर विचार कर रहे हैं और गंभीरता से पड़ताल कर रहे हैं ताकि हम समस्या का समाधान कर सकें और ये इस्पात की डंपिंग के खिलाफ रक्षात्मक कार्रवाई हो सकती है। सरकार ने एक रिपोर्ट में कहा था कि आयात बढ़ने के कारण 2013-14 से घरेलू उत्पादकों की हिस्सेदारी घट रही है और 2015-16 में यह 45 प्रतिशत से घटकर 37 प्रतिशत रह सकती है। काले धन पर पूछे गए सवालों के जवाब में जेटली ने कहा कि यह समस्या कुछ लोगों तक सीमित है और सरकार इस मुद्दे पर नरम नहीं पड़ेगी क्योंकि उसे अपने सारे संसाधनों को बैंकिंग प्रणाली में लाना है।

देश से बाहर जमा गैरकानूनी परिसंपत्ति की समस्या से निपटने के लिए सरकार काले धन पर एक कानून लायी है। इस कानून के तहत 90 दिन की अनुपालन सुविधा प्रदान की गई है जिसके तहत लोग विदेश में जमा परिसंपत्ति की घोषणा कर सकते हैं और 60 प्रतिशत कर और दंड का भुगतान कर इससे मुक्त हो सकते हैं।

साथ ही वित्त मंत्री ने ये भी कहा-

1. GST का पारित होना अब कुछ ही दिनों की बात है, लगभग सभी दल इसका समर्थन कर रहे हैं।
2. भारत वैश्विक उथल-पुथल के दौर में काफी अच्छा कर रहा है और यह अपेक्षाकृत बहुत अधिक वृद्धि दर्ज कर सकता है।
3. बैंकिंग क्षेत्र में NPA चिंता का विषय है लेकिन घबराने की कोई वजह नहीं क्योंकि समस्या का समाधान दिख रहा है।

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