छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के प्लाटून कमांडर ने आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि बयानार गांव में स्थित सीएएफ की दूसरी बटालियन के प्लाटून कमांडर ने खुद को गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दिनेश सिंह चंदेल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार दिनेश ने रविवार देर रात लगभग 10 बजे अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। उन्होंने बताया कि जब चंदेल रविवार देर रात शिविर में था तब वहां मौजूद अन्य जवानों ने गोली चलने की आवाज सुनी।
जब जवानों ने चंदेल के कमरे में देखा तब वह खून लथपथ पड़े थे। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद वहां मौजूद जवानों और अधिकारियों ने चंदेल को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि प्लाटून कमांडर चंदेल भिलाई के निवासी थे। उनके परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है। कोंडागांव जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेंद्र देव पटेल ने बताया कि प्लाटून कमांडर के पारिवारिक कारणों से परेशान होने की खबर है। हालांकि, जांच के बाद ही इस संबंध में अधिक जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
इससे पहले 30 जुलाई को, राज्य के बीजापुर जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक आरक्षक ने कथित तौर पर अपनी सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस आरक्षक की पहचान पप्पू यादव के रूप में हुई थी। यह घटना नैमेड़ थाना क्षेत्र के मिंगाचल कैंप में हुई थी। विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, 2019 से 15 जून 2025 तक 177 सुरक्षाकर्मियों ने आत्महत्या की, जिनमें से 40 अर्धसैनिक बलों (सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी, आईटीबीपी) के जवान थे। पिछले पांच महीनों (मार्च 2025 से जुलाई 2025) में 7 जवानों ने आत्महत्या की थी, जिनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के जवान शामिल थे।
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