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छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाले में पूर्व नौकरशाह सौम्या चौरसिया, रानू साहू को मिली अंतरिम जमानत; SC ने लगाई ये शर्तें

Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav Published : May 29, 2025 10:44 pm IST, Updated : May 29, 2025 10:53 pm IST

छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाला मामले में रानू साहू और सौम्या चौरसिया को अंतरिम जमानत मिल गई है। कोर्ट ने पूर्व नौकरशाहों पर शर्तें भी लगाई हैं।

सुप्रीम कोर्ट - India TV Hindi
Image Source : ANI सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाले के आरोपियों को अंतरिम जमानत दे दी, जिसमें पूर्व नौकरशाह रानू साहू और सौम्या चौरसिया शामिल हैं। जस्टिस सूर्यकांत और दीपांकर दत्ता की पीठ ने आरोपियों पर कई शर्तें लगाते हुए राज्य सरकार से गवाहों में विश्वास पैदा करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई ये शर्तें

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को अगले आदेश तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया जाता है, बशर्ते कि वे ट्रायल कोर्ट की संतुष्टि के लिए जमानत बांड प्रस्तुत करें। कोर्ट ने कहा कि आरोपी रानू साहू, सूर्यकांत तिवारी, समीर विश्नोई और सौम्या चौरसिया को निर्देश दिया जाता है कि वे अगले आदेश तक छत्तीसगढ़ में नहीं रहेंगे, सिवाय इसके कि वे आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसी या ट्रायल कोर्ट के समक्ष उपस्थित रहेंगे।

 छत्तीसगढ़ सरकार के वकील ने जमानत याचिकाओं का विरोध किया और कहा कि ये सभी हाई-प्रोफाइल आरोपी कई घोटालों में शामिल हैं। उन्होंने पीठ से सख्त शर्तें लगाने का आग्रह किया, ताकि उनके खिलाफ मुकदमा प्रभावित न हो। पीठ ने आदेश दिया, "यदि याचिकाकर्ता गवाहों से संपर्क करते या उन्हें किसी भी तरह से प्रभावित करते या सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश करते पाए जाते हैं, तो इसे अंतरिम जमानत की रियायत का दुरुपयोग माना जाएगा। 

कोर्ट में पासपोर्ट जमा करने का आदेश

अदालत ने कहा कि यह अंतरिम व्यवस्था प्रतिवादियों की दलीलों के प्रति पूर्वाग्रह के बिना है और इन मामलों पर आगे विचार करने के समय याचिकाकर्ताओं के पक्ष में कोई न्यायसंगत विचार नहीं किया जाएगा, जिन्हें केवल अंतरिम उपाय के रूप में रिहा किया जा रहा है। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को अंतरिम जमानत पर रिहा होने के तुरंत बाद अपने पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट/विशेष अदालत में जमा करने का निर्देश दिया जाता है। साथ ही कहा कि अंतरिम जमानत पाने वाले सभी आरोपी जांच में शामिल होंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी। 

भूपेश बघेल के साथ काम कर चुकी हैं सौम्या चौरसिया 

बता दें कि सौम्या चौरसिया छत्तीसगढ़ कैडर की सिविल सेवक हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में उप सचिव और विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) थीं। सभी आरोपियों पर कई मामलों में मामला दर्ज किया गया है, जिनमें से कुछ की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा कर रही है और वे हिरासत में हैं। हालांकि, साहू और चौरसिया जैसे कुछ आरोपी कई मामलों में जमानत हासिल करने में सफल रहे हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार,  कोयला लेवी घोटाला करने के लिए बड़ी साजिश रची गई थी, जिसमें ट्रांसपोर्टरों से कुल 540 करोड़ रुपये की "उगाही" की गई थी।

इनपुट- पीटीआई

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