मुंबई: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बर्खास्त पुलिसकर्मी सचिन वाजे की जमानत अर्जी का शुक्रवार को विरोध करते हुए कहा कि कहा कि अदालत ने जो समय बढ़ाया था, उसके अंदर उसने आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। निर्धारित समय सीमा के अंदर आरोपपत्र दाखिल नहीं करने के आधार पर जमानत पाने की वाजे की यह तीसरी कोशिश थी, जो एंटीलिया विस्फोटक प्रकरण एवं मनसुख हिरन हत्याकांड में आरोपी है। अदालत ने पिछली अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि आवेदन में ‘दम नहीं’ है और उससे ‘अदालत का कीमती वक्त बर्बाद हुआ है।’
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अदालत ने तब NIA को आरोपपत्र दाखिल करने के लिए एक और महीने का समय दिया था, जिसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी 3 सितंबर को आरोपपत्र दाखिल कर दिया। नई अर्जी का विरोध करते हुए NIA ने कहा कि उसने ‘(6 सितंबर की) निर्धारित समयसीमा से बहुत पहले 3 सितंबर को ही समग्र अंतिम रिपोर्ट (चार्जशीट) दाखिल कर दी, इसलिए आरोपी आवेदक यह आरोप नहीं लगा सकता कि जांच अधूरी है और NIA ने कथित रूप से गलती की है।’ NIA ने अपने जवाब में कहा कि भारी जुर्माने के साथ वाजे की अर्जी को खारिज करना ‘उचित एवं उपयुक्त’ होगा।
दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास ‘एंटीलिया’ के पास 25 फरवरी को एक वाहन खड़ा मिला था, जिसमें विस्फोटक था। 5 फरवरी को ठाणे के व्यापारी और एंटीलिया के पास मिली गाड़ी के कथित मालिक मनसुख हिरन का शव एक नाले में मिला था। अपनी मौत से कुछ समय पहले ही हिरन ने दावा किया था कि उस वाहन का मालिक वही है। इस मामले में वाजे समेत कई पुलिसकर्मी एवं कई अन्य गिरफ्तार किए गए हैं।