1. Hindi News
  2. धर्म
  3. February 2026 Bhadra Date: भद्रा काल में वर्जित होते हैं ये कार्य, जानें भद्रा कितने घंटे की होती है

February 2026 Bhadra Date: भद्रा काल में वर्जित होते हैं ये कार्य, जानें भद्रा कितने घंटे की होती है

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Jan 26, 2026 08:38 pm IST,  Updated : Jan 26, 2026 08:38 pm IST

Bhadra kaal: भद्रा काल में कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। यह समय शुभ नहीं माना जाता है। तो आइए जानते हैं फरवरी में लगने वाले भद्रा की तारीख और समय के बारे में।

फरवरी 2026 भद्रा काल- India TV Hindi
फरवरी 2026 भद्रा काल Image Source : FILE IMAGE

Bhadra February 2026: हिंदू धर्म में भद्रा काल का अशुभ समय माना गया है। भद्रा में कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। कहते हैं कि भद्रा काल में किए गए कार्यों का शुभ परिणाम नहीं मिलता है। भद्रा का विष्टि करण के नाम से भी जाना जाता है। भद्रा काल के समय मुंडन, विवाह, गृह प्रवेश, तीर्थ और नया व्यापार आरंभ करना वर्जित माना जाता है। भद्रा 7 से 13 घंटे से अधिक समय के लिए रहती है, जो चंद्रमा का स्थिति पर निर्भर करती है। तो आइए जानते हैं कि फरवरी माह में भद्रा कब-कब रहेगा। साथ ही जानेंगे भद्रा के प्रकार के बारे में। 

भद्रा के बारे में

ज्योतिष विज्ञान के अनुसार भद्रा अलग-अलग बारह चंद्र राशियों के अनुसार तीनों लोक- स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल में घूमती रहती है। आप जानते हैं कि- जिस दिन मेष, वृष, मिथुन और वृश्चिक राशि में होता है तो उस दिन स्वर्ग लोक की भद्रा होती है। वहीं जब भद्रा मेष राशि में होता है तब स्वर्ग लोक की भद्रा होती है। इस दौरान तब भद्रा का कोई प्रभाव पृथ्वी लोक पर रहने वाले लोगों पर नहीं पड़ता है।

इस भद्रा में कर सकते हैं शुभ कार्य

स्वर्ग लोक की भद्रा में शुभ काम किए जा सकते हैं। स्वर्ग लोक की भद्रा का मुख उर्ध्वमुखी, यानी ऊपर की तरफ होता है। भद्रा जिस भी लोक में स्थित होती है, केवल वहीं मूलरूप से प्रभावी रहती है। स्वर्ग लोक की भद्रा का पृथ्वी पर तो कोई असर पड़ता ही नहीं बल्कि जब भद्रा स्वर्ग लोक में होती है, तो शुभ फल देती है।

इस भद्रा में नहीं करने चाहिए कोई भी शुभ काम

आपको बता दें कि भद्रा जिस भी लोक में स्थित होती है, केवल वहीं मूलरूप से प्रभावी रहती है। संस्कृत ग्रन्थ पीयूषधारा में भी कहा गया है- स्वर्गे भद्रा शुभं कुर्यात पाताले च धनागम। मृत्युलोक स्थिता भद्रा सर्व कार्य विनाशनी। अर्थात् जब भद्रा स्वर्ग लोक में होगी, तो शुभ फल देगी, जब पाताल लोक में होगी तो धनलाभ कराएगी, लेकिन मृत्युलोक, यानि पृथ्वी लोक में स्थित भद्रा सब कामों को बिगाड़ने वाली होती है।

फरवरी 2026 में भद्रा कब-कब लगेगा

  • भद्रा आरंभ- 2 फरवरी को 03:37 पी एम बजे

  • भद्रा समाप्त- 3 फरवरी को  02:38 ए एम बजे

  • भद्रा आरंभ- 5 फरवरी 2026 को 08:06 पी एम बजे

  • भद्रा समाप्त-5 फरवरी 2026 को  06:57 ए एम बजे

  • भद्रा आरंभ- 9 फरवरी 2026 को  12:35 ए एम बजे

  • भद्रा समाप्त- 9 फरवरी 2026 को  11:43 ए एम बजे

  • भद्रा आरंभ- 12 फरवरी 2026 को 09:15 ए एम बजे

  • भद्रा समाप्त- 12 फरवरी 2026 को 09:24 पी एम बजे

  • भद्रा आरंभ- 16 फरवरी 2026 को 01:50 ए एम बजे

  • भद्रा समाप्त- 16 फरवरी 2026 को 03:02 पी एम बजे

  • भद्रा आरंभ- 19 फरवरी 2026 को 10:24 पी एम बजे

  • भद्रा समाप्त- 20 फरवरी 2026 को 11:21 ए एम बजे

  • भद्रा आरंभ- 23 फरवरी 2026 को 01:40 पी एम बजे

  • भद्रा समाप्त- 24 फरवरी 2026 को 01:27 ए एम बजे

  • भद्रा आरंभ- 28 फरवरी 2026 को 05:08 पी एम बजे

  • भद्रा समाप्त- 1 मार्च 2026 को 03:59 ए एम बजे

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

Laxmi Chalisa In Hindi Lyrics: घर में रहती है आर्थिक तंगी तो जरूर करें इस चालीसा का पाठ, मां लक्ष्मी दोनों हाथों से बरसाएंगी कृपा

Holi 2026: इस बार होलिका दहन पर रहेगा भद्रा का साया, जानें होली जलाने का शुभ मुहूर्त

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।